PNC Infratech ने Q2 FY27 के दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू **₹1,146 करोड़** रहा है। दिल्ली हाई कोर्ट से मिली कानूनी राहत के बाद अब कंपनी फिर से सरकारी टेंडर्स में हिस्सा ले सकेगी।
शानदार नतीजे और कानूनी राहत
PNC Infratech के लिए दूसरी तिमाही काफी उतार-चढ़ाव भरी रही है, लेकिन अंत अच्छा रहा। कंपनी ने ₹1,146 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 17% अधिक है। वहीं, स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹73 करोड़ रहा है। सबसे बड़ी खबर यह है कि दिल्ली हाई कोर्ट ने 12 अक्टूबर 2026 को कंपनी पर लगी NHAI की रोक (debarment) पर स्टे लगा दिया है, जिससे कंपनी के लिए टेंडर भरने का रास्ता फिर से खुल गया है।
क्यों है यह अहम?
NHAI के प्रोजेक्ट्स कंपनी के बिजनेस का अहम हिस्सा हैं। कानूनी अड़चन दूर होने से कंपनी का कॉन्फिडेंस बढ़ा है। फिलहाल कंपनी के पास ₹18,000 करोड़ से ज्यादा का ऑर्डर बुक है और मैनेजमेंट ने फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए ₹6,000 करोड़ का रेवेन्यू गाइडेंस बनाए रखा है। हालांकि, कंपनी ने NHPC के साथ अपना BESS प्रोजेक्ट रद्द करने का फैसला लिया है ताकि बढ़ती लागत से बचा जा सके।
रिस्क और आगे का रास्ता
सब कुछ ठीक होने के बावजूद, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण इनपुट और ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट का दबाव मार्जिन पर दिख रहा है। निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि इस मामले में 26 नवंबर 2026 को फाइनल सुनवाई होनी है। इसके अलावा, कंपनी अब कजाकिस्तान और जॉर्जिया जैसे बाजारों में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाकर पोर्टफोलियो डायवर्सिफाई करने की कोशिश कर रही है।
