PG Foils के लिए फाइनेंशियल ईयर 2025-26 का सफर काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी ने पिछले साल के मुनाफे को गंवाकर **₹8.24 करोड़** का नेट लॉस दर्ज किया है, जिसके चलते CARE Ratings ने कंपनी की क्रेडिट रेटिंग डाउनग्रेड कर दी है।
मुनाफे से नुकसान तक का सफर
PG Foils के फाइनेंशियल नतीजों ने निवेशकों को निराश किया है। कंपनी, जो पिछले साल ₹24.11 करोड़ का मुनाफा कमा रही थी, इस बार ₹8.24 करोड़ के नेट लॉस में आ गई है। कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू भी गिरकर ₹318.50 करोड़ पर आ गया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹491.40 करोड़ था।
रेटिंग डाउनग्रेड का झटका
इस कमजोर प्रदर्शन का सीधा असर कंपनी की साख पर पड़ा है। CARE Ratings ने PG Foils की लॉन्ग-टर्म बैंक फैसिलिटीज को 'CARE BBB+; Stable' से घटाकर 'CARE BBB; Negative' कर दिया है। रेटिंग एजेंसी ने कंपनी की लिक्विडिटी और घटते मुनाफे को लेकर चिंता जताई है। मैनेजमेंट ने खराब प्रदर्शन के लिए लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) पर कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और करेंसी में अस्थिरता को जिम्मेदार ठहराया है।
AGM और गवर्नेंस पर नजर
कंपनी ने अपनी 47वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 21 सितंबर 2026 को बुलाई है। इस मीटिंग में नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्रीमती साक्षी साहिल शाह की दोबारा नियुक्ति और कॉस्ट ऑडिटर के रेम्यूनरेशन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर शेयरहोल्डर्स वोटिंग करेंगे।
आगे का रिस्क
निवेशकों के लिए आने वाला समय महत्वपूर्ण होगा। 'Negative' आउटलुक का मतलब है कि अगर कंपनी के मार्जिन में सुधार नहीं हुआ और लिक्विडिटी का दबाव बना रहा, तो क्रेडिट रेटिंग में और भी कटौती देखने को मिल सकती है।
