PG Foils Limited के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी मुनाफे से सीधे घाटे में आ गई है, जिसका असर उसके स्टॉक पर भी दिख रहा है। खराब LME कीमतों और करेंसी में उतार-चढ़ाव के कारण कंपनी का रेवेन्यू भी गिरकर **₹318.50 करोड़** रह गया है।
मुनाफे से घाटे का सफर
कंपनी ने अपने फाइनेंशियल नतीजों में बड़ी गिरावट दिखाई है। बीते फाइनेंशियल ईयर में ₹24.11 करोड़ का मुनाफा कमाने वाली PG Foils ने इस बार ₹8.24 करोड़ का नेट लॉस रिपोर्ट किया है। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू भी पिछले साल के ₹491.40 करोड़ से घटकर ₹318.50 करोड़ पर आ गया है। हालांकि, गौर करने वाली बात यह है कि कंपनी का प्रोडक्शन वॉल्यूम 6,285 MT से बढ़कर 6,422 MT तक पहुंच गया, लेकिन मार्जिन पर दबाव के कारण कंपनी फायदे में नहीं रह सकी।
क्यों आया ये दबाव?
मैनेजमेंट का कहना है कि इंटरनेशनल मार्केट में LME (London Metal Exchange) की कीमतों में अनिश्चितता और डॉलर के मुकाबले रुपये में उतार-चढ़ाव ने कंपनी की बैलेंस शीट को बुरी तरह प्रभावित किया है।
निवेशकों के लिए रिस्क और लीगल संकट
कंपनी के सामने सिर्फ फाइनेंशियल ही नहीं, बल्कि रेगुलेटरी चुनौतियां भी हैं। ऑडिट में IEPF फॉर्म भरने में देरी और कई स्टैच्युटरी कंप्लायंस में चूक पाई गई है। इसके अलावा, Dhanlaxmi Bank से जुड़ा ₹69 करोड़ का फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) विवाद अभी भी कोर्ट में पेंडिंग है। हालांकि कंपनी ने ₹68.93 करोड़ की रिकवरी का दावा किया है, लेकिन कोर्ट का फाइनल फैसला आना अभी बाकी है, जो स्टॉक के नजरिए से महत्वपूर्ण है।
आगे क्या होगा?
मैनेजमेंट इस दौर को 'कंसोलिडेशन' बता रहा है। अब निवेशकों की नजर 21 सितंबर, 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर टिकी है, जहां मार्जिन सुधारने और ऑडिट आपत्तियों को लेकर कंपनी की आगे की रणनीति स्पष्ट होगी।
