PBA Infrastructure का FY26 का खराब प्रदर्शन
PBA Infrastructure Ltd ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए ₹82.02 करोड़ का भारी नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया है। पिछले वित्तीय वर्ष में ₹2.22 करोड़ के मुनाफे की तुलना में यह एक बड़ी गिरावट है। कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from Operations) में भी गिरावट आई है, जो FY25 के ₹36.45 करोड़ से घटकर ₹23.35 करोड़ रह गया है।
क्यों है यह चिंता की बात?
ये नतीजे PBA Infrastructure के लिए गंभीर वित्तीय संकट की ओर इशारा करते हैं। कंपनी का नेट वर्थ (Net Worth) अब -₹196.78 करोड़ हो गया है, यानी बाहर की देनदारियां मौजूदा संपत्तियों से कहीं ज्यादा हैं। इससे भी बड़ी बात यह है कि ऑडिटर ने अपनी रिपोर्ट में कंपनी के गोइंग कंसर्न (Going Concern) यानी भविष्य में संचालन जारी रखने की क्षमता पर एक महत्वपूर्ण अनिश्चितता (material uncertainty) जताई है।
कर्ज़ और NPA का बोझ
यह वित्तीय गिरावट ऐसे समय में आई है जब कंपनी जनवरी 2018 से ही कर्जदाताओं के लिए नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) बनी हुई है। कंपनी पर ₹315.15 करोड़ का बकाया है, जिसके चलते बैंक अपनी संपत्ति की वसूली के लिए SARFAESI कानून के तहत कार्रवाई कर रहे हैं। इसमें सुरक्षित संपत्तियों की ई-नीलामी भी शामिल है।
आगे क्या?
ऑडिटर की चिंता और कर्जदाताओं की कानूनी कार्रवाई कंपनी के संचालन और कर्ज चुकाने की क्षमता पर दबाव बढ़ाएगी। निवेशकों के लिए कंपनी की भविष्य की व्यवहार्यता (future viability) को लेकर अनिश्चितता और भी बढ़ गई है।
जोखिम
कंपनी के सामने मुख्य जोखिम कर्ज चुकाने में असमर्थता, और कानूनी कार्रवाइयों का बढ़ना है। साथ ही, ₹24.63 करोड़ के वर्क-इन-प्रोग्रेस (WIP) जैसी संपत्तियों की वसूली की अनिश्चितता भी एक बड़ा जोखिम है।
कुछ अहम आंकड़े:
- रेवेन्यू (FY26): ₹23.35 करोड़ (FY25 में ₹36.45 करोड़ था)
- नेट लॉस (FY26): ₹82.02 करोड़ (FY25 में ₹2.22 करोड़ का मुनाफा था)
- कुल इक्विटी (FY26): -₹196.78 करोड़ (FY25 में -₹114.76 करोड़ था)
- उधार (Borrowings FY26): ₹353.42 करोड़
- NPA वर्गीकरण: जनवरी 2018 से
- SARFAESI बकाया: ₹315.15 करोड़
निवेशकों को क्या देखना होगा?
निवेशकों को SARFAESI कार्यवाही के नतीजों, कंपनी की कर्ज पुनर्गठन (debt restructuring) की क्षमता और कंपनी द्वारा भविष्य में रिकवरी के बारे में दिए जाने वाले किसी भी स्पष्टीकरण पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।
