Oriental Trimex के लिए FY26 का साल काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के **₹8.57 करोड़** से लुढ़ककर अब महज **₹1.79 करोड़** रह गया है, जबकि रेवेन्यू में मामूली बढ़त देखी गई है।
मुनाफे में बड़ी गिरावट और मार्जिन का दबाव
कंपनी के ताजा नतीजों के मुताबिक, नेट इनकम भले ही ₹21.84 करोड़ से बढ़कर ₹24.62 करोड़ हो गई हो, लेकिन मुनाफे पर कैंची चल गई है। सबसे ज्यादा चिंता की बात कंपनी का EBIDTA है, जो ₹12.76 करोड़ से सीधा गिरकर ₹4.21 करोड़ पर आ गया है, जो ऑपरेशनल दक्षता में आई बड़ी कमजोरी को दर्शाता है।
कानूनी पचड़ों में फंसी कंपनी
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा खतरा SEBI द्वारा लगाया गया जुर्माना है, जो फिलहाल सुप्रीम कोर्ट (Civil Appeal No. 11196/2026) में लंबित है। यह विवाद 2017 से 2020 के बीच के कथित नियमों के उल्लंघन से जुड़ा है, जो कंपनी के भविष्य पर लगातार दबाव बनाए हुए है।
बिजनेस विस्तार की कोशिशें
इन तमाम मुश्किलों के बीच कंपनी ने कुछ नए कदम उठाए हैं। ओडिशा में जेट-ब्लैक ग्रेनाइट खदान के लिए 30 साल की लीज हासिल की गई है और तमिलनाडु में लागत घटाने के लिए इटली से 'अल्ट्रा-थिन वायर मशीन' मंगवाई गई है। ग्रेटर नोएडा में नया शोरूम खोलकर कंपनी अपनी पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
मैनेजमेंट में भारी उठापटक
कंपनी के टॉप लेवल पर भी काफी बदलाव हुए हैं। अप्रैल 2026 में CFO ओम प्रकाश शर्मा के इस्तीफे के बाद जुलाई में गुनासेकरन ए को नया CFO नियुक्त किया गया। इसके अलावा, इंडिपेंडेंट डायरेक्टर दिनेश नारंग ने इस्तीफा दिया और उनकी जगह नवीन जोशी को बोर्ड में शामिल किया गया।
