Orient Press Ltd अपनी तारापुर फैक्ट्री को कम से कम **₹24 करोड़** में बेचने की योजना बना रही है। कंपनी का मकसद कर्ज कम करना और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाना है। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर **2025-26** में **₹1.17 करोड़** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है, जिसके बाद अब प्रोडक्शन को ग्रेटर नोएडा यूनिट में शिफ्ट करने का फैसला लिया गया है।
एसेट सेल से कर्ज घटाने की कवायद
Orient Press Ltd ने अपनी तारापुर स्थित मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को बेचने या लीज पर देने का प्रस्ताव रखा है। इसके लिए बोर्ड ने ₹24 करोड़ की न्यूनतम कीमत (Floor Price) तय की है। यह पूरी प्रक्रिया 28 सितंबर, 2026 को होने वाली कंपनी की 38वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) के एजेंडे का हिस्सा है।
इस फैसले के पीछे की बड़ी वजह
तारापुर फैक्ट्री कंपनी की कुल नेट वर्थ का लगभग 30% हिस्सा दबाए हुए है, जबकि कंपनी के कुल टर्नओवर में इसका योगदान केवल 5.26% है। मैनेजमेंट का मानना है कि इस एसेट को बेचकर बैलेंस शीट को हल्का किया जा सकेगा, बैंक लिमिट्स का भुगतान होगा और ग्रेटर नोएडा यूनिट के लिए जरूरी वर्किंग कैपिटल मिल पाएगी।
प्रमोटर्स की दोबारा नियुक्ति
AGM में प्रमोटर-डायरेक्टर्स—रामविलास माहेश्वरी, राजाराम माहेश्वरी और प्रकाश माहेश्वरी—की 3 साल के लिए पुनर्नियुक्ति पर भी वोटिंग होगी। चूंकि उनका प्रस्तावित वेतन नेट प्रॉफिट के 5% से अधिक है, इसलिए SEBI नियमों के तहत इसके लिए स्पेशल रेजोल्यूशन पास कराया जाएगा।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks to watch)
कंपनी लगातार 3 वर्षों से नुकसान में चल रही है। कच्चे माल की बढ़ती लागत, बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा और कैपिटल मार्केट स्टेशनरी की गिरती मांग कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी में बड़ी बाधा बने हुए हैं। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या एसेट बेचने का यह दांव कंपनी की वित्तीय स्थिति को पटरी पर ला पाता है या नहीं।
