Orient Ceratech ने अपने दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू तो बढ़ा है, लेकिन नेट प्रॉफिट घटकर **₹6.78 करोड़** पर आ गया है। पावर डिवीजन को बेचने के बाद कंपनी अब पूरी तरह से सिरेमिक बिजनेस पर फोकस कर रही है।
मुनाफे में क्यों आई कमी?
कंपनी की ओर से जारी नतीजों के मुताबिक, दूसरी तिमाही में ऑपरेशन से कुल रेवेन्यू ₹126.88 करोड़ रहा है। यह पिछले साल की समान अवधि के ₹111.49 करोड़ और जून तिमाही के ₹100.65 करोड़ के मुकाबले काफी बेहतर है। हालांकि, नेट प्रॉफिट के मामले में कंपनी कमजोर रही। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹6.78 करोड़ दर्ज किया गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹7.49 करोड़ था और जून तिमाही में ₹8.57 करोड़ रहा था।
बड़ा बदलाव: सिर्फ सिरेमिक पर फोकस
Orient Ceratech अब एक बड़े ट्रांजिशन दौर से गुजर रही है। कंपनी ने अपने पावर डिवीजन को बेच दिया है, जिसके बाद अब पूरा ध्यान सिरेमिक प्रोडक्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेडिंग पर है। इंड एएस (Ind AS) 105 के तहत, पावर डिवीजन को अब 'डिस्कंटीन्यूड ऑपरेशन' के रूप में दिखाया गया है।
निवेशकों के लिए क्या है रिस्क?
नतीजों से साफ है कि कंपनी का टॉप-लाइन (रेवेन्यू) तो बढ़ रहा है, लेकिन बॉटम-लाइन (प्रॉफिट) पर दबाव है। लागत बढ़ने या मार्जिन में कमी की वजह से मुनाफे में यह गिरावट देखी जा रही है। ऑडिटर्स M/s. Sanghavi & Company ने इन नतीजों पर अनमॉडिफाइड रिव्यू ओपिनियन दिया है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी अपने कोर सिरेमिक बिजनेस में बढ़ते खर्चों को कैसे मैनेज करती है और आने वाली तिमाहियों में क्या बेहतर प्रदर्शन कर पाती है या नहीं।
