Orient Cement: दूसरी तिमाही में मुनाफे में गिरावट, Ambuja Cements के साथ मर्जर पर टिकीं नजरें

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AuthorNeha Patil|Published at:
Orient Cement: दूसरी तिमाही में मुनाफे में गिरावट, Ambuja Cements के साथ मर्जर पर टिकीं नजरें

Orient Cement के लिए दूसरी तिमाही कमजोर रही है। कंपनी का नेट प्रॉफिट गिरकर **₹32 करोड़** पर आ गया है, जबकि रेवेन्यू घटकर **₹565 करोड़** रह गया। निवेशकों की नजर अब कंपनी के Ambuja Cements के साथ मर्जर और **19 नवंबर, 2026** को होने वाली NCLT की सुनवाई पर टिकी है।

कमजोर रहे Q2 नतीजे

कंपनी के प्रदर्शन पर नजर डालें तो रेवेन्यू पिछले साल के ₹643 करोड़ से घटकर इस बार ₹565 करोड़ रह गया है। वहीं, नेट प्रॉफिट में भी बड़ी गिरावट देखी गई है, जो पिछले साल के ₹49 करोड़ से लुढ़ककर ₹32 करोड़ पर पहुंच गया है। ऑपरेशनल मोर्चे पर कंपनी के लिए यह तिमाही चुनौतीपूर्ण रही है।

मर्जर अपडेट और NCLT का रुख

निवेशकों के लिए इस समय नतीजों से ज्यादा महत्वपूर्ण कंपनी का Ambuja Cements के साथ होने वाला मर्जर है। कंपनी ने जानकारी दी है कि NCLT ने विलय की योजना पर सुनवाई के लिए 19 नवंबर, 2026 की तारीख तय की है। यह घटनाक्रम कंपनी के भविष्य और स्टॉक की दिशा के लिए सबसे अहम माना जा रहा है।

इंटर-कॉर्पोरेट डिपॉजिट (ICDs) का गणित

कंपनी ने अपने होल्डिंग ग्रुप, Ambuja Cements को ₹512 करोड़ के इंटर-कॉर्पोरेट डिपॉजिट (ICDs) दिए हैं। इन डिपॉजिट्स पर कंपनी को 8% सालाना की दर से ब्याज मिलेगा और इन्हें 31 मार्च, 2027 तक चुकाया जाना है।

आगे क्या?

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अब निवेशकों को NCLT की सुनवाई पर फोकस रखना चाहिए। ट्रिब्यूनल की ओर से मिलने वाले किसी भी निर्देश या शर्त का असर मर्जर की प्रक्रिया और शेयर की कीमतों पर साफ देखने को मिलेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.