Onesource Industries and Ventures Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा बढ़कर **₹2.65 करोड़** हो गया है, साथ ही सिमरन मिश्रा को नया MD नियुक्त किया गया है। हालांकि, ऑडिटर्स की आंतरिक वित्तीय नियंत्रण (Internal Financial Control) को लेकर दी गई चेतावनी निवेशकों के लिए एक बड़ा अलर्ट है।
मुनाफे में उछाल और नई शुरुआत
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए मजबूत नतीजे जारी किए हैं। इस साल कुल आय बढ़कर ₹99.57 करोड़ पर पहुंच गई, जो पिछली बार ₹70.25 करोड़ थी। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹1.13 करोड़ से बढ़कर ₹2.65 करोड़ हो गया है। इस ग्रोथ को गति देने के लिए कंपनी अब साल्ट (नमक) मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेडिंग के नए क्षेत्र में कदम रखने जा रही है।
लीडरशिप में बदलाव
मैनेजमेंट स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए, शिभू मौर्य के इस्तीफे के बाद सिमरन मिश्रा को 5 साल के कार्यकाल के लिए मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर नियुक्त किया गया है।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Red Flags)
नतीजों के साथ ही एक गंभीर मुद्दा सामने आया है। इंडिपेंडेंट ऑडिटर ने कंपनी के इंटरनल फाइनेंशियल कंट्रोल फ्रेमवर्क पर 'डिस्क्लेमर ऑफ ओपिनियन' जारी किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ICAI गाइडलाइंस के अनुसार कंपनी वित्तीय रिपोर्टिंग के लिए जरूरी इंटरनल कंट्रोल स्थापित करने में विफल रही है। इसके अलावा, सालाना रिपोर्ट फाइल करने में भी 1 दिन की देरी का अनुपालन संबंधी मुद्दा सामने आया है।
आगे क्या?
फिलहाल कंपनी ने किसी भी तरह का डिविडेंड न देने का फैसला किया है ताकि इस नए विस्तार के लिए पूंजी को बचाया जा सके। निवेशकों को अब यह देखना होगा कि नई लीडरशिप ऑडिटर्स द्वारा उठाई गई इन चिंताओं और गवर्नेंस के मुद्दों को कैसे सुलझाती है।
