Oil Country Tubular के लिए पिछला फाइनेंशियल ईयर (FY26) काफी चुनौतीपूर्ण रहा। कंपनी की कमाई गिरकर ₹71.81 करोड़ पर आ गई, वहीं नेट लॉस दोगुना होकर ₹46.41 करोड़ तक पहुंच गया। कंपनी का कहना है कि NCLT की इनसॉल्वेंसी (insolvency) की वजह से घाटा बढ़ा है और अगले दो सालों में मुनाफे में आने का लक्ष्य है।
Oil Country Tubular के FY26 नतीजों पर एक नज़र
Oil Country Tubular Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं, जो चिंता बढ़ाने वाले हैं। कंपनी का कुल रेवेन्यू पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹125.77 करोड़ से घटकर ₹71.81 करोड़ रह गया। वहीं, नेट लॉस (Net Loss) भी लगभग दोगुना होकर ₹46.41 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह ₹22.56 करोड़ था।
क्यों हुए घाटे में बढ़ोतरी?
कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि यह बड़ा घाटा नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के तहत हुई इनसॉल्वेंसी (insolvency) की वजह से है। यह प्रक्रिया जनवरी 2020 से सितंबर 2022 तक चली थी।
आगे क्या है कंपनी की रणनीति?
Oil Country Tubular अब अपनी इंजीनियरिंग डिविजन (Engineering Division) पर फोकस कर रही है। कंपनी की कोशिश है कि ऑपरेशन्स को बेहतर बनाकर और बिक्री बढ़ाकर अगले दो सालों के अंदर मुनाफे की स्थिति में वापस आया जा सके।
किन जोखिमों पर नज़र रखें?
निवेशकों को कंपनी के बढ़ते नेट लॉस, मुनाफे की कमी के कारण मैनेजमेंट की 'मिनिमम रेमुनरेशन' (minimum remuneration) पर निर्भरता और दो साल की टर्नअराउंड (turnaround) योजना को पूरा करने की चुनौती पर पैनी नज़र रखनी होगी।
