Novus Loyalty के नतीजे: रेवेन्यू ₹127.4 करोड़ पार, नेट प्रॉफिट ₹9.28 करोड़ पर पहुंचा

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Novus Loyalty के नतीजे: रेवेन्यू ₹127.4 करोड़ पार, नेट प्रॉफिट ₹9.28 करोड़ पर पहुंचा
Overview

Novus Loyalty Ltd ने 31 मार्च 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू 21.8% बढ़कर ₹127.42 करोड़ हो गया, वहीं नेट प्रॉफिट में जोरदार उछाल के साथ यह ₹9.28 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी ने IPO से मिले पैसों का इस्तेमाल एक्सपेंशन के लिए भी किया है।

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Novus Loyalty ने FY26 में दर्ज की शानदार परफॉरमेंस

31 मार्च 2026 को समाप्त हुए साल के लिए कंपनी का रेवेन्यू 21.8% बढ़कर ₹127.42 करोड़ हो गया, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) के ₹104.62 करोड़ था।

नेट प्रॉफिट में भी काफी बढ़ोतरी हुई है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹3.74 करोड़ से बढ़कर ₹9.28 करोड़ हो गया है।

**निवेशकों के लिए खास:
**
कंपनी के कोर बिजनेस के चलते रेवेन्यू ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी मजबूत है। हालांकि, GST लिटिगेशन और ऑडिटर की नियुक्ति पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।

क्या हुआ?

Novus Loyalty Limited ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के अपने वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने रेवेन्यू और नेट प्रॉफिट, दोनों में बड़ी वृद्धि दर्ज की है। रेवेन्यू 21.8% बढ़कर ₹127.42 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹3.74 करोड़ से बढ़कर ₹9.28 करोड़ हो गया। कंपनी ने यह भी बताया कि 31 मार्च 2026 तक IPO से मिली रकम में से ₹43.07 करोड़ अभी भी अनयूटिलाइज्ड हैं।

यह क्यों मायने रखता है?

यह मजबूत वित्तीय प्रदर्शन Novus Loyalty के कोर सॉफ्टवेयर और लॉयल्टी प्रोग्राम बिजनेस में स्वस्थ विस्तार का संकेत देता है। नेट प्रॉफिट में हुई उल्लेखनीय वृद्धि बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी को दर्शाती है। निवेशकों के लिए, बाकी बचे IPO फंड्स का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल और कानूनी व अनुपालन संबंधी मामलों का समाधान भविष्य की ग्रोथ के लिए महत्वपूर्ण होगा।

जानिए बैकग्राउंड

Novus Loyalty Limited ने अपने IPO के जरिए ₹48.18 करोड़ जुटाए थे और यह 25 मार्च 2026 को BSE पर लिस्ट हुई थी। IPO से जुड़े खर्चे ₹5.11 करोड़ थे। कंपनी की एसेट बेस में भी काफी बढ़ोतरी हुई है, कुल एसेट्स FY25 के ₹15.06 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹72.37 करोड़ हो गए।

अब क्या बदलेगा?

निवेशक इस बात पर गौर करेंगे कि कंपनी ₹43.07 करोड़ के अनयूटिलाइज्ड IPO प्रोसीड्स का इस्तेमाल अपने बिजनेस को और बढ़ाने के लिए कैसे करती है। इसके अलावा, कंपनी को GST लिटिगेशन को निपटाना होगा और लिस्टिंग के छह महीने के भीतर एक इंटरनल ऑडिटर नियुक्त करना होगा।

जोखिम:

एक बड़ा जोखिम GST लिटिगेशन का है, जिसमें FY21-22 के लिए ₹0.62 करोड़ की मांग की गई है और कंपनी फिलहाल अपील में है। एक और महत्वपूर्ण बात कंपनी का रेगुलेटरी जरूरतों का पालन करना है, खासकर लिस्टिंग के छह महीने के भीतर इंटरनल ऑडिटर की नियुक्ति।

पीयर कंपैरिजन:

हालांकि फाइलिंग में पीयर कंपनियों का कोई खास डेटा नहीं दिया गया है, Novus Loyalty की 21.8% रेवेन्यू ग्रोथ और प्रॉफिट में जबरदस्त बढ़ोतरी लॉयल्टी प्रोग्राम और सॉफ्टवेयर सेक्टर में एक मजबूत प्रदर्शन को दर्शाती है।

मुख्य आंकड़े (समय-आधारित):

  • रेवेन्यू (FY26): ₹127.42 करोड़
  • नेट प्रॉफिट (FY26): ₹9.28 करोड़
  • IPO से जुटाई गई रकम (मार्च 2026): ₹48.18 करोड़
  • अनयूटिलाइज्ड IPO प्रोसीड्स (31 मार्च 2026 तक): ₹43.07 करोड़
  • GST डिमांड (FY21-22): ₹0.62 करोड़

आगे क्या ट्रैक करें:

निवेशकों को GST लिटिगेशन के समाधान, इंटरनल ऑडिटर की नियुक्ति और बाकी बचे IPO फंड्स को इस्तेमाल करने की कंपनी की रणनीति पर नजर रखनी चाहिए।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.