Nova Iron & Steel ने मार्च 2026 तिमाही में **₹5.35 करोड़** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है। कंपनी की आर्थिक हालत बेहद खराब है, जिसमें नेगेटिव नेटवर्थ, IBC दिवालियापन कार्यवाही और प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा **43%** इक्विटी अटैचमेंट जैसे बड़े जोखिम शामिल हैं।
भारी वित्तीय संकट में कंपनी
Nova Iron & Steel के फाइनेंशियल नतीजे उम्मीदों के विपरीत बेहद कमजोर रहे हैं। कंपनी ने मार्च तिमाही में ₹5.35 करोड़ और पूरे फाइनेंशियल ईयर में ₹15.97 करोड़ का शुद्ध घाटा दर्ज किया है। तिमाही के दौरान कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹135.80 करोड़ रहा है।
क्यों है चिंता की बात?
कंपनी के ऑडिटर्स ने रिपोर्ट पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सबसे बड़ा खतरा 'गोइंग कंसर्न' (कंपनी के बने रहने) को लेकर है। कंपनी की करंट लायबिलिटीज़, करंट एसेट्स से ₹109.13 करोड़ ज्यादा हैं, और नेटवर्थ गिरकर ₹-21.01 करोड़ (नेगेटिव) हो गई है।
निवेशकों के लिए खतरे के निशान (Red Flags)
- IBC प्रोसीडिंग्स: एक फाइनेंशियल क्रेडिटर ने कंपनी के खिलाफ दिवालिया कानून (IBC) की धारा 7 के तहत याचिका दायर की है, जो अभी पेंडिंग है।
- ED की कार्रवाई: मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कंपनी की जमीन और 43.62% इक्विटी शेयर्स को प्रोविजनली अटैच कर लिया है।
- ऑपरेशनल दिक्कतें: कंपनी जिन मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज का इस्तेमाल कर रही थी, उनका लीज एग्रीमेंट शर्तों के उल्लंघन के कारण खत्म कर दिया गया है।
- ऑडिट रिपोर्ट में झोल: ऑडिटर्स ने पाया कि ट्रेड रिसीवेबल्स और पेएबल्स का कोई कन्फर्मेशन नहीं है। साथ ही, ₹60.38 करोड़ के असुरक्षित कर्ज (unsecured loans) की पुष्टि भी नहीं हो सकी है।
