Nova Iron & Steel: मुनाफा तो आया, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग हुई बंद! कंपनी के सामने खड़ी है भारी कानूनी मुसीबत

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Nova Iron & Steel: मुनाफा तो आया, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग हुई बंद! कंपनी के सामने खड़ी है भारी कानूनी मुसीबत

Nova Iron & Steel ने जून तिमाही में **₹0.86 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, लेकिन कंपनी का भविष्य अधर में है। कंपनी ने अब मैन्युफैक्चरिंग पूरी तरह बंद कर दी है और केवल ट्रेडिंग का काम करेगी।

क्या है नई स्थिति?

Nova Iron & Steel ने 1 अप्रैल 2026 से मैन्युफैक्चरर से बदलकर खुद को एक 'स्टील ट्रेडर' में तब्दील कर लिया है। कंपनी के प्लांट और मशीनरी का लाइसेंस एग्रीमेंट खत्म होने के बाद यह बड़ा कदम उठाया गया है। जून तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू घटकर ₹67.49 करोड़ रह गया, जो पिछले साल इसी दौरान ₹112.97 करोड़ था। वहीं, नेट प्रॉफिट भी पिछले साल के ₹2.21 करोड़ से लुढ़ककर ₹0.86 करोड़ पर आ गया है।

क्यों घिरे हैं निवेशक?

कंपनी के सामने केवल बिजनेस मॉडल बदलने की चुनौती नहीं है, बल्कि कानूनी घेरा भी काफी सख्त है। Ess Enn Investments Pvt. Ltd. द्वारा बकाया राशि के भुगतान न होने पर कंपनी की आधारभूत संरचना को काफी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा, ED (Enforcement Directorate) ने PMLA एक्ट के तहत कंपनी की ₹28.40 करोड़ की संपत्ति अटैच कर ली है।

ऑडिटर्स की चेतावनी और जोखिम

ऑडिटर्स ने कंपनी की वित्तीय स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) स्टेटस पर भारी अनिश्चितता जताई है। कंपनी पहले से ही दिवाला प्रक्रिया यानी IBC के तहत कानूनी लड़ाई लड़ रही है। बीते फाइनेंशियल ईयर में कंपनी को ₹15.96 करोड़ का बड़ा नुकसान हुआ था। अब निवेशकों की नजरें IBC की अगली सुनवाई और ED के कानूनी एक्शन पर टिकी हैं कि क्या कंपनी अपनी कर्ज की देनदारियों को चुका पाएगी या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.