Noble Polymers ने FY26 में जीरो ऑपरेशनल रेवेन्यू दर्ज किया है और कंपनी को **₹1.61 करोड़** का भारी नुकसान हुआ है। अब मैनेजमेंट कंपनी के बिजनेस मॉडल को बदलकर कंसल्टेंसी और ब्रोकिंग सर्विस की ओर शिफ्ट करने की तैयारी में है।
भारी नुकसान और बदलता बिजनेस मॉडल
Noble Polymers की ताजा एनुअल रिपोर्ट निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी है। कंपनी ने लगातार दूसरे साल ऑपरेशन से जीरो रेवेन्यू दर्ज किया है। पिछले साल जहां कंपनी ने ₹3.20 करोड़ का मुनाफा कमाया था, वहीं इस बार कंपनी ₹1.61 करोड़ के घाटे में आ गई है। अब मैनेजमेंट का पूरा फोकस बिजनेस को कंसल्टेंसी और ब्रोकिंग सर्विसेज की तरफ मोड़ने पर है।
शेयर कंसोलिडेशन और डिविडेंड का ऐलान
कंपनी ने अपने स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव का संकेत दिया है। बोर्ड ने शेयर कंसोलिडेशन का प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत ₹5 फेस वैल्यू वाले दो शेयरों को मिलाकर ₹10 फेस वैल्यू का एक शेयर बनाया जाएगा। घाटे के बावजूद, बोर्ड ने शेयरहोल्डर्स के लिए ₹0.05 प्रति शेयर का नॉमिनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है, जिस पर 30 सितंबर, 2026 को होने वाली AGM में मुहर लगेगी।
लीडरशिप में बदलाव और चुनौतियां
कंपनी ने नए CFO के रूप में आकाश ठाकोर की नियुक्ति की है, साथ ही नए प्रमोटर डायरेक्टर्स को भी बोर्ड में शामिल किया गया है। हालांकि, ऑडिटर्स ने कंपनी एक्ट के अनुपालन को लेकर सवाल उठाए हैं, क्योंकि अभी भी मैनेजिंग डायरेक्टर और कंपनी सेक्रेटरी जैसे प्रमुख पद खाली हैं। कंपनी की 'अन्य आय' (Other Income) भी ₹5.64 करोड़ से गिरकर महज ₹0.34 करोड़ रह गई है, जो कोर बिजनेस की अनुपस्थिति को दर्शाता है।
अगले साल कंपनी का भविष्य पूरी तरह से कंसल्टेंसी बिजनेस को हासिल करने और उसे सही तरह से एग्जीक्यूट करने पर टिका है। निवेशकों को 30 सितंबर की AGM पर नजर रखनी चाहिए, जहां कंपनी के नए बिजनेस रोडमैप और शेयर कंसोलिडेशन की स्थिति साफ हो जाएगी।
