Nilachal Refractories ने अपनी **49वीं AGM** की तारीख **26 सितंबर, 2026** तय की है। कंपनी अब अपने बिजनेस का दायरा बढ़ाते हुए स्टील, फेरो अलॉय और पावर जनरेशन सेक्टर में उतरने की तैयारी कर रही है।
बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव
कंपनी ने अपनी 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) के लिए जो एजेंडा जारी किया है, वह काफी अहम है। 26 सितंबर, 2026 को होने वाली इस बैठक में कंपनी अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन में बदलाव के लिए शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मांगेगी। इस प्रस्ताव का मकसद कंपनी को रिफ्रैक्टरी बिजनेस से आगे ले जाकर मेटलर्जिकल और एनर्जी सेक्टर में स्थापित करना है।
किन सेक्टरों पर है फोकस?
कंपनी अब इन नए क्षेत्रों में अपने पैर पसारने की योजना बना रही है:
- फेरो अलॉय और स्टील: इसमें स्पंज आयरन और अलॉय स्टील का प्रोडक्शन शामिल है।
- पावर जनरेशन: थर्मल और रिन्यूएबल एनर्जी दोनों ही सेक्टरों में निवेश की तैयारी है।
- इंफ्रास्ट्रक्चर: रेलवे साइडिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में भी कंपनी अपनी मौजूदगी दर्ज कराना चाहती है।
बोर्ड में बदलाव और नियुक्तियां
स्ट्रैटेजिक शिफ्ट के साथ-साथ कंपनी अपने बोर्ड को भी मजबूत कर रही है। नए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स के तौर पर Mr. Bijay Kumar और Ms. Priyanka Poddar के नाम प्रस्तावित किए गए हैं। साथ ही, Mr. Pradip Kumar Mohapatra के कार्यकाल को 75 वर्ष की उम्र के बाद भी जारी रखने के लिए मंजूरी मांगी जाएगी।
निवेशकों के लिए रिस्क और आगे क्या?
स्टील और पावर सेक्टर भारी पूंजी (Capital Intensive) वाले बिजनेस हैं। ऐसे में निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि कंपनी का डेट लेवल और मार्जिन पर क्या असर पड़ेगा। ई-वोटिंग की प्रक्रिया 23 सितंबर, 2026 से शुरू होकर 25 सितंबर, 2026 तक चलेगी। इस वोटिंग के नतीजे ही तय करेंगे कि कंपनी का यह नया 'विजन' हकीकत बन पाएगा या नहीं।
