Nilachal Carbo Metalicks ने FY26 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **₹200.40 करोड़** रहा है, जबकि नेट प्रॉफिट **₹10.54 करोड़** दर्ज किया गया है। मार्जिन दबाव और नेगेटिव कैश फ्लो के बावजूद कंपनी अब एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर में कदम रखने की तैयारी कर रही है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल
कंपनी के नतीजों पर नजर डालें तो रेवेन्यू फ्लैट रहा है। पिछले साल के ₹201.51 करोड़ के मुकाबले इस बार यह ₹200.40 करोड़ पर है। वहीं, नेट प्रॉफिट में गिरावट देखने को मिली है, जो ₹14.02 करोड़ से गिरकर ₹10.54 करोड़ रह गया है। मार्जिन (PBITDA) भी 13.30% से घटकर 10.80% पर आ गया है, जो बढ़ते ऑपरेशनल खर्चों की ओर इशारा करता है।
भविष्य की रणनीति और एक्सपेंशन
IPO के बाद मिली पूंजी का इस्तेमाल कंपनी रणनीतिक विकास के लिए कर रही है। कंपनी का कैपिटल बेस अब ₹109.31 करोड़ है। मैनेजमेंट का फोकस अब हाई-वैल्यू अलॉय कास्टिंग मार्केट पर है, जहां 50,000 MTPA की कैपेसिटी के साथ एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर में बड़ा दांव लगाने की योजना है। इसके अलावा, कोक ओवन बैटरी की क्षमता बढ़ाकर 0.15 मिलियन टन सालाना करने का प्रस्ताव है।
निवेशकों के लिए चिंता के बिंदु
ऑपरेशनल मोर्चे पर चुनौतियां बनी हुई हैं। कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो ₹32.01 करोड़ नेगेटिव रहा है, जिसकी मुख्य वजह बढ़ते ट्रेड रिसीवेबल्स हैं। साथ ही, ऑडिटर्स ने ₹1.99 करोड़ के सेल्स इनवॉइस को GSTR-1 में न दिखाने और अन्य रिकॉन्सिलिएशन मुद्दों की ओर इशारा किया है। 29 सितंबर, 2026 को होने वाली AGM में कई गवर्नेंस मुद्दों और Om Avi Carbon Resources के साथ ₹30 करोड़ के संबंधित पक्ष के ट्रांजेक्शन पर शेयरहोल्डर्स की वोटिंग होगी।
