Nihar Info Global FY26 में मुनाफे में लौटी, डिजिटल बुलियन पर फोकस
कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट: ₹0.687 करोड़
कंसोलिडेटेड रेवेन्यू: ₹21.69 करोड़
निवेशकों के लिए खास: कंपनी मुनाफे में लौटी, डिजिटल कारोबार का विस्तार, लेकिन मैनेजमेंट में बदलाव पर नजर रखें।
क्या हुआ?
Nihar Info Global Limited ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने ऑडिट किए गए वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने ₹0.687 करोड़ (यानी ₹68.70 लाख) का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह पिछले वित्तीय वर्ष में हुए घाटे के बाद कंपनी की मुनाफे में शानदार वापसी का संकेत है। इसी अवधि में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर ₹21.69 करोड़ (यानी ₹2169.12 लाख) तक पहुंच गया।
क्यों है यह अहम?
यह टर्नअराउंड (Turnaround) कंपनी की सफल रिकवरी को दर्शाता है। रेवेन्यू में भारी बढ़ोतरी और नेट लॉस से नेट प्रॉफिट में बदलाव, ये सब ऑपरेशनल सुधार के प्रमुख संकेत हैं। इसके अलावा, कंपनी के लॉन्ग-टर्म डेट (Long-term debt) में 46.66% की बड़ी कमी आई है, जिससे कंपनी की वित्तीय सेहत सुधरी है और भविष्य में फाइनेंस कॉस्ट (Finance cost) कम होने की उम्मीद है।
कंपनी अपने गोल्डन्सिल्वर.शॉप (goldnsilver.shop) प्लेटफॉर्म के लिए Augmont, SafeGold और MMTC-PAMP के साथ पार्टनरशिप करके डिजिटल बुलियन (Digital Bullion) के क्षेत्र में भी रणनीतिक विस्तार कर रही है। इस कदम का मकसद नए ग्रोथ एरिया में पैठ बनाना है।
पिछला लेखा-जोखा
पिछले वित्तीय वर्ष (FY 2024-25) में, Nihar Info Global ने ₹3.57 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस दर्ज किया था। लेकिन अब FY 2025-26 में कंपनी ने इस ट्रेंड को पलट दिया है और मुनाफा कमाया है।
अब क्या बदलेगा?
मुनाफे में वापसी और डिजिटल कमोडिटीज (Digital commodities) के लिए मजबूत पार्टनरशिप के साथ, कंपनी एक नए ग्रोथ फेज के लिए तैयार है। लॉन्ग-टर्म बोरिंग (Long-term borrowings) में 46.66% की कमी, जो ₹35.47 लाख से घटकर ₹18.92 लाख रह गई है, कंपनी के बेहतर वित्तीय प्रदर्शन में और योगदान देगी।
हालांकि, मैनेजमेंट में कुछ अहम बदलाव हुए हैं। मिस्टर भोराराजू हेमंत कुमार (कंपनी सेक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर) और मिस पुजिथा गुडिपुडी (CFO) ने इस्तीफा दे दिया है। वहीं, मिस अनुजा अग्रवाल को 30 मई, 2026 से नई चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) के तौर पर नियुक्त किया गया है।
किन जोखिमों पर नजर?
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा चिंता का विषय हाल में प्रमुख वित्तीय और कंप्लायंस भूमिकाओं में हुआ बदलाव है। CFO और CS के इस्तीफे के बाद, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ट्रांजिशन (Transition) कितना सुचारू होता है और स्ट्रैटेजिक कंटीन्यूटी (Strategic continuity) बनी रहती है या नहीं। वित्तीय रिपोर्टिंग या कंप्लायंस में किसी भी तरह की रुकावट निवेशकों के भरोसे को प्रभावित कर सकती है।
पीयर कंपेरिजन (Peer Comparison)
(कंपनी की फाइलिंग में पीयर कंपेरिजन का कोई खास डेटा नहीं दिया गया है।)
महत्वपूर्ण आंकड़े (Context Metrics)
- स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट FY 2025-26: ₹0.5394 करोड़ (₹53.94 लाख)
- स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट FY 2024-25: (₹364.31 लाख)
- कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट FY 2025-26: ₹0.687 करोड़ (₹68.70 लाख)
- कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट FY 2024-25: (₹356.86 लाख)
- कंसोलिडेटेड रेवेन्यू FY 2025-26: ₹21.69 करोड़
- कंसोलिडेटेड रेवेन्यू FY 2024-25: ₹7.73 करोड़
- लॉन्ग-टर्म बोरिंग्स में कमी: 46.66%
आगे क्या देखें?
निवेशक डिजिटल बुलियन स्ट्रेटेजी (Digital bullion strategy) के एग्जीक्यूशन (Execution) और इसके रेवेन्यू पर पड़ने वाले प्रभाव को करीब से देखेंगे। नए CFO के नेतृत्व में कंपनी के प्रदर्शन की निगरानी करना और मैनेजमेंट में स्थिरता बनाए रखना भी भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होगा।
