New Light Industries के FY26 नतीजे काफी कमजोर रहे हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **63%** गिरकर **₹0.42 करोड़** रह गया है, जबकि रेवेन्यू में **59%** की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
भारी गिरावट के बीच बड़ा बदलाव
कंपनी के ऑपरेशनल रेवेन्यू में 58.9% की कमी आई है, जो घटकर ₹7.09 करोड़ पर आ गया है। कमजोर नतीजों के बीच बोर्ड ने पूंजी बचाने के लिए इस साल कोई भी डिविडेंड न देने का फैसला किया है। अब कंपनी अपना ध्यान पारंपरिक कपड़ों के बिजनेस से हटाकर इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) इन्फ्रास्ट्रक्चर और ई-कॉमर्स जैसे नए सेक्टरों पर लगा रही है।
नई लीडरशिप और मैनेजमेंट
कंपनी में बड़े बदलाव हुए हैं। सौरभ अग्रवाल (Saurabh Agrawal) को नया मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और CFO नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, कंपनी ने अगले 5 वर्षों के लिए Kapish Jain & Associates को अपना नया वैधानिक ऑडिटर नियुक्त किया है।
रिस्क और निवेशकों के लिए चिंताएं
कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती इंटरनल कंट्रोल को लेकर है। इंडिपेंडेंट ऑडिटर ने ट्रेड रिसीवेबल्स के आंकड़ों में विसंगतियों की ओर इशारा किया है। साथ ही, अधूरे रिकॉर्ड के कारण MSE पेबल्स की पहचान करने में भी दिक्कतें सामने आई हैं। इन एडमिनिस्ट्रेटिव खामियों पर मैनेजमेंट का रुख देखना अहम होगा।
आगे की राह
निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि क्या कंपनी EV स्पेस में कोई बड़े कॉन्ट्रैक्ट हासिल कर पाती है। साथ ही, आगामी तिमाही नतीजों में रिसीवेबल्स और पेबल्स के रिकंसिलिएशन को ट्रैक करना जरूरी होगा।
