Nava Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए अपने अब तक के सबसे बड़े स्टैंडअलोन रेवेन्यू **₹1,924.73 करोड़** और **₹910.93 करोड़** के रिकॉर्ड PAT का ऐलान किया है। कंपनी ने **₹8.50** प्रति शेयर का ऐतिहासिक कुल डिविडेंड भी घोषित किया है।
Nava Ltd का शानदार प्रदर्शन और रिकॉर्ड डिविडेंड
Nava Ltd (पहले Nava Bharat Ventures) ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने नतीजे पेश किए हैं, जो अब तक के सबसे मजबूत स्टैंडअलोन प्रदर्शन को दर्शाते हैं। कंपनी ने रिकॉर्ड स्टैंडअलोन टोटल इनकम और PAT में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की है।
निवेशकों की चमकी किस्मत!
कंपनी के इस शानदार नतीजों के साथ, निवेशकों के लिए एक अच्छी खबर यह है कि प्रबंधन ने ₹5.50 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है। इससे FY26 के लिए कुल डिविडेंड ₹8.50 प्रति शेयर हो गया है, जो कंपनी के इतिहास में सबसे अधिक है। यह रिकॉर्ड रेवेन्यू और डिविडेंड कंपनी की शानदार ऑपरेशनल सफलता और शेयरधारकों को रिटर्न देने की प्रतिबद्धता को दिखाता है।
जानिए इस ग्रोथ की वजह
FY26 में स्टैंडअलोन इनकम में यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से कंपनी के मेटल्स डिवीजन से हुए एक्सपोर्ट और एनर्जी डिवीजन के बेहतर मर्चेंट पावर परफॉर्मेंस के कारण हुई है। यह तब हुआ जब कंपनी ने ओडिशा स्थित अपने कैप्टिव पावर प्लांट को इंडिपेंडेंट पावर प्लांट (IPP) मोड में बदला। इसके अलावा, सब्सिडियरी Nava Global Pte Ltd द्वारा शेयर बायबैक से एक बड़ा एक्सेप्शनल गेन भी स्टैंडअलोन PAT को बढ़ाने में मददगार साबित हुआ।
आगे क्या उम्मीद करें?
कंपनी भविष्य में भी ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर फोकस बनाए रखेगी। जाम्बिया में ZESCO से मिलने वाले बड़े पेमेंट्स को कम करने जैसी वर्किंग कैपिटल की चुनौतियों को सफलतापूर्वक संभालने से कंपनी के फाइनेंशियल मैनेजमेंट में सुधार के संकेत मिलते हैं। हालांकि, जाम्बिया में टैक्स रेट का बढ़ना कंसोलिडेटेड PAT पर असर डालेगा, लेकिन कंपनी के मुख्य बिजनेसेज की हेल्थ मजबूत बनी हुई है।
ध्यान रखने योग्य जोखिम
जाम्बिया में टैक्स हॉलिडे का खत्म होना कंसोलिडेटेड PAT के लिए एक स्थायी स्ट्रक्चरल बदलाव है। इसके अलावा, ग्लोबल ट्रेड प्रोटेक्शनिज्म और कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसे बाहरी कारक भी कंपनी के लिए जोखिम बने हुए हैं।
अहम आंकड़े
FY26 के लिए स्टैंडअलोन टोटल इनकम ₹1,924.73 करोड़ रही, जो पिछले साल की तुलना में 24.5% अधिक है। स्टैंडअलोन PAT बढ़कर ₹910.93 करोड़ हो गया, जिसमें सब्सिडियरी के शेयर बायबैक से ₹403.95 करोड़ का एक्सेप्शनल गेन शामिल है। कंसोलिडेटेड टोटल इनकम 8.3% बढ़कर ₹4,47,866 लाख हो गई, जबकि कंसोलिडेटेड PAT नॉन-कैश टैक्स प्रोविजन्स के कारण 27.6% घटकर ₹1,03,852 लाख रह गया।
आगे क्या देखें
निवेशकों को आने वाले सालों में थर्मल, सोलर और एग्रीकल्चरल कैपेसिटीज के कमीशनिंग पर नजर रखनी चाहिए। जाम्बिया में टैक्स बदलावों को देखते हुए कंसोलिडेटेड PAT के ट्रेंड पर ध्यान देना और कमोडिटी की कीमतों के उतार-चढ़ाव को कंपनी कैसे मैनेज करती है, यह देखना अहम होगा।
