National General Industries ने FY26 के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी को इस साल **₹47.93 लाख** का नेट लॉस हुआ है, जबकि पिछले फाइनेंशियल ईयर में कंपनी ने **₹94.28 लाख** का मुनाफा कमाया था।
बिगड़ती फाइनेंशियल स्थिति
कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹1034.73 लाख से घटकर इस साल ₹895.30 लाख पर आ गया है। स्टील सेक्टर में चल रही सुस्ती और कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर कंपनी के बॉटमलाइन पर पड़ा है, जिससे कंपनी मुनाफे से सीधे घाटे में आ गई है।
निवेशकों के लिए मुख्य बातें
कंपनी ने इस साल किसी भी तरह के डिविडेंड (Dividend) का ऐलान नहीं किया है, क्योंकि मैनेजमेंट का पूरा ध्यान फिलहाल कैश को सुरक्षित रखने पर है। इसके अलावा, कंपनी ने कॉर्पोरेट गवर्नेंस में बदलाव करते हुए नए आर्टिकल्स और मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन को अपनाने का फैसला किया है, जो 'कंपनीज एक्ट 2013' के अनुरूप होंगे।
आगे की चुनौतियां
कंपनी का कामकाज अब काफी हद तक गाजियाबाद फैसिलिटी पर निर्भर है, जहां जॉब-वर्क सर्विसेज के जरिए कैपेसिटी यूटिलाइजेशन को बनाए रखने की कोशिश की जा रही है। साथ ही, आगामी 30 सितंबर, 2026 को होने वाली 40वीं AGM में प्रमोटर परिवार से जुड़े लोगों (मिस्टर मनहर मोदी और मिसेज नंदिनी मोदी) को कंसल्टेंसी फीस देने के प्रस्ताव पर शेयरहोल्डर्स वोट करेंगे। निवेशकों की नजर अब इस पर होगी कि कंपनी आने वाली तिमाहियों में अपने मार्जिन को कैसे बेहतर करती है।
