Narmadesh Brass Industries के लिए FY 2025-26 मिला-जुला रहा है। कंपनी का रेवेन्यू **10.42%** बढ़कर **₹97.23 करोड़** पर पहुंच गया, लेकिन कच्चे माल की बढ़ती लागत के चलते नेट प्रॉफिट **29.91%** घटकर **₹3.55 करोड़** रह गया है।
क्या रहे कंपनी के फाइनेंशियल आंकड़े?
जनवरी 2026 में BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होने के बाद यह कंपनी की पहली एनुअल रिपोर्ट है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के दौरान कंपनी की कुल आय ₹9,722.60 लाख दर्ज की गई, जो पिछले साल के ₹8,805.01 लाख से बेहतर है। हालांकि, बॉटम-लाइन पर दबाव साफ दिख रहा है।
मुनाफे में गिरावट की बड़ी वजह
मैनेजमेंट ने इस गिरावट के पीछे मुख्य रूप से दो कारण बताए हैं:
- इनपुट कॉस्ट: कॉपर और जिंक की कीमतों में 15.11% का उछाल आया है। कंपनी का 91% खर्च इन्हीं कमोडिटी की खरीद में जाता है, जिससे मार्जिन पर सीधा असर पड़ा है।
- ऑपरेटिंग एक्सपेंस: IPO के बाद कंपनी के विस्तार और कैप-एक्स (CapEx) की योजनाओं के चलते खर्चों में बढ़ोतरी हुई है।
भविष्य की रणनीति और अपडेट्स
कंपनी का पेड-अप इक्विटी कैपिटल बढ़कर ₹310.80 लाख हो गया है। IPO और राइट्स इश्यू से जुटाई गई ₹3,259 लाख की राशि का इस्तेमाल कर्ज कम करने, नई मशीनरी खरीदने और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जा रहा है।
कंपनी अपनी जामनगर फैसिलिटी में ब्रास बिलेट प्रोडक्शन लाइन्स के बेहतर इस्तेमाल पर फोकस कर रही है। आगामी 29 सितंबर, 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्रीमती रौनक दुधगारा की पुनः नियुक्ति पर चर्चा की जाएगी।
