Narmada Agrobase की नई चाल: 1:2 स्टॉक स्प्लिट को मंजूरी
Narmada Agrobase Ltd. ने अपने फाइनेंशियल रिजल्ट्स पेश कर दिए हैं। कंपनी ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए ₹79.67 करोड़ का रेवेन्यू रिपोर्ट किया है। यह पिछले साल के ₹66.34 करोड़ के मुकाबले 20% की बढ़ोतरी है।
मुनाफे पर थोड़ी सुस्ती, पर रेवेन्यू में दमदार ग्रोथ
जहां रेवेन्यू में अच्छी खासी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, वहीं कंपनी का नेट प्रॉफिट (net profit) पिछले साल के ₹4.09 करोड़ से थोड़ा घटकर ₹3.86 करोड़ रह गया। यानी, कंपनी को मुनाफे के मोर्चे पर थोड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा है।
स्टॉक स्प्लिट से बढ़ेगी लिक्विडिटी
कंपनी के बोर्ड ने 1:2 के रेशियो से स्टॉक स्प्लिट (stock split) को भी मंजूरी दे दी है। इसका मतलब है कि ₹10 फेस वैल्यू वाले हर शेयर को ₹5 फेस वैल्यू वाले दो शेयरों में बांटा जाएगा। यह फैसला शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन है और इसका मकसद मार्केट में लिक्विडिटी (liquidity) को बढ़ाना और ज्यादा से ज्यादा निवेशकों को कंपनी से जोड़ना है।
राइट्स इश्यू फंड का इस्तेमाल और लोन डिफॉल्ट पर स्थिति
कंपनी ने यह भी साफ किया है कि उसने अपने लोन और डेट सिक्योरिटीज (debt securities) पर कोई डिफॉल्ट (default) नहीं किया है। इसके अलावा, कंपनी 'लार्ज कॉर्पोरेट' (Large Corporate) कैटेगरी में भी नहीं आती है। कंपनी ने अपने हालिया राइट्स इश्यू (rights issue) से मिले फंड के इस्तेमाल की भी जानकारी दी। इसमें से ₹28.88 करोड़ का इस्तेमाल हो चुका है और ₹7.70 करोड़ अभी पेंडिंग हैं, जिन्हें फिक्स्ड डिपॉजिट (fixed deposit) में रखा गया है और कैपिटल एक्सपेंडिचर (capital expenditure) के लिए अलग रखा गया है।
आगे क्या उम्मीद करें?
निवेशकों की नजरें अब शेयरधारकों की मंजूरी और स्टॉक स्प्लिट के बाद ट्रेडिंग वॉल्यूम (trading volume) और लिक्विडिटी पर पड़ने वाले असर पर होंगी। साथ ही, कंपनी रेवेन्यू ग्रोथ को मुनाफे में बदलने में कितनी कामयाब होती है, यह देखना भी अहम होगा।
