Nanta Tech ने FY 2025-26 के लिए शानदार वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के नेट प्रॉफिट में **74.51%** का जबरदस्त उछाल आया है, जो **₹8.17 करोड़** रहा। इसके साथ ही, कंपनी BSE SME प्लेटफॉर्म पर सफलतापूर्वक लिस्ट हो गई है।
Detailed Coverage
Nanta Tech के शानदार नतीजे, निवेशकों में खुशी
Nanta Tech Ltd. ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी की कमाई और मुनाफे दोनों में ज़बरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कंपनी का कुल रेवेन्यू 36.88% बढ़कर ₹70.22 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹51.30 करोड़ था। वहीं, नेट प्रॉफिट (PAT) में 74.51% की भारी उछाल देखी गई, जो ₹8.17 करोड़ तक पहुँच गया। पिछले वित्त वर्ष में यह ₹4.68 करोड़ था। कंपनी की प्रति शेयर आय (EPS) भी ₹12.91 से सुधरकर ₹20.20 हो गई है।
IPO के बाद BSE SME पर लिस्टिंग
इन शानदार नतीजों के बीच, Nanta Tech ने अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) सफलतापूर्वक पूरा किया और 31 दिसंबर, 2025 को BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हुई। कंपनी ने अपने कर्मचारियों के लिए 'Nanta ESOP Plan 2026' का भी प्रस्ताव रखा है।
आगे क्या?
यह मजबूत प्रदर्शन कंपनी के मजबूत बिजनेस ऑपरेशन्स और IPO के बाद बाजार में अच्छी पकड़ को दर्शाता है। BSE SME पर लिस्टिंग से कंपनी की पहचान बढ़ेगी और पूंजी बाजार तक पहुंच आसान होगी। UAE में विस्तार और R&D में निवेश भविष्य की ग्रोथ के संकेत दे रहे हैं।
कंपनी की रणनीति
Nanta Tech टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस पर फोकस करती है। कंपनी ने UAE में Nanta Technologies FZ-LLC की स्थापना कर GCC देशों के बाजार में कदम रखा है। साथ ही, TRN India Private Limited के साथ मिलकर डोमेस्टिक R&D पर भी काम कर रही है। मार्च 2026 में, कंपनी ने RSVP Infotech Solution Private Limited के बिजनेस अंडरटेकिंग को ₹0.99 करोड़ में अधिग्रहित (acquire) भी किया था।
रिस्क फैक्टर
निवेशकों को यह ध्यान देना चाहिए कि कंपनी की चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO), सुश्री वैशाली प्रशांतभाई जगानी ने 29 मई, 2026 से इस्तीफा दे दिया है। वित्तीय नेतृत्व में बदलाव पर नजर रखनी होगी। इसके अलावा, सप्लाई चेन में संभावित जटिलताएं उद्योग-स्तरीय जोखिम हैं जो इन्वेंटरी मैनेजमेंट और प्रॉफिट मार्जिन को प्रभावित कर सकती हैं।
आगे क्या देखना होगा
निवेशकों को आने वाली तिमाहियों के नतीजों, CFO के बदलाव के प्रभाव, RSVP Infotech के अधिग्रहण और अंतरराष्ट्रीय विस्तार के सफल एकीकरण पर करीब से नज़र रखनी चाहिए।
