NRB Industrial Bearings ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी को **₹6.85 करोड़** का नेट लॉस हुआ है। गिरती आर्थिक स्थिति और नेगेटिव नेट वर्थ के बीच कंपनी ने M. B. Ravi Shankar को नया हेड ऑफ मैन्युफैक्चरिंग नियुक्त किया है।
भारी वित्तीय संकट का सामना
NRB Industrial Bearings के ताजा नतीजे कंपनी की गंभीर आर्थिक स्थिति को बयां कर रहे हैं। कंपनी ने ₹21.41 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹6.85 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट लॉस दर्ज किया है। सबसे बड़ी चिंता कंपनी की 'नेगेटिव नेट वर्थ' है, जो ₹59.18 करोड़ तक पहुंच गई है। इसके अलावा, कंपनी की नेट करंट लायबिलिटीज ₹27.68 करोड़ है, जो साफ दर्शाता है कि कंपनी के पास अपनी देनदारियों को चुकाने के लिए पर्याप्त एसेट्स नहीं हैं। अभी कंपनी केवल प्रमोटर द्वारा दिए जा रहे वित्तीय सहयोग के दम पर अपना काम चला रही है।
नई कमान और टर्नअराउंड की कोशिश
ऑपरेशंस को पटरी पर लाने के लिए कंपनी ने M. B. Ravi Shankar को नया हेड ऑफ मैन्युफैक्चरिंग नियुक्त किया है, जो 28 अक्टूबर, 2026 से प्रभावी हो गया है। उनके पास इंडस्ट्री का 33 साल से ज्यादा का अनुभव है। मैनेजमेंट का मानना है कि उनके आने से मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस में सुधार होगा और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ेगी।
निवेशकों के लिए जोखिम
निवेशकों को कंपनी के कैश फ्लो और देनदारियों में कमी पर पैनी नजर रखने की जरूरत है। फिलहाल कंपनी का कामकाज पूरी तरह प्रमोटर के सपोर्ट पर टिका है, जिससे इंटरनल फाइनेंशियल मजबूती का अभाव साफ दिखता है। आने वाली तिमाही में रेवेन्यू ग्रोथ और खर्चों में कटौती ही कंपनी के सर्वाइवल के लिए अहम साबित होगी।
