NMDC Steel ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **60%** बढ़कर **₹13,641.81 करोड़** हो गया है, जिससे यह घाटे से बाहर निकलकर मुनाफे की राह पर लौट आई है। हालांकि, गवर्नेंस से जुड़ी चुनौतियां निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं।
मुनाफे की राह पर NMDC Steel
कंपनी के लिए पिछला फाइनेंशियल ईयर टर्निंग पॉइंट साबित हुआ है। NMDC Steel ने ₹58.72 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल के ₹2,373.78 करोड़ के भारी नुकसान के मुकाबले एक बड़ा सुधार है। कंपनी का EBITDA भी सुधरकर ₹1,604.44 करोड़ पर पहुंच गया है, जो पिछले साल नेगेटिव ₹1,716.89 करोड़ था। इस ग्रोथ का मुख्य कारण हॉट रोल्ड कॉइल का प्रोडक्शन 14.39 लाख टन से बढ़कर 23.24 लाख टन होना है।
गवर्नेंस और रेगुलेटरी मुश्किलें
ऑपरेशनल मोर्चे पर मिली कामयाबी के बावजूद कंपनी के सामने कई कानूनी और प्रशासनिक अड़चनें हैं। पूरे साल कंपनी में कोई भी इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नहीं था, जिसके चलते ऑडिट और रिस्क मैनेजमेंट जैसी अहम कमेटियां नहीं बन सकीं। स्टॉक एक्सचेंज ने बोर्ड कंपोजिशन के नियमों का पालन न करने पर कंपनी पर जुर्माना भी लगाया है। साथ ही, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण बोर्ड ने वेस्टवॉटर इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े नियमों के उल्लंघन पर ₹1.01 करोड़ की पेनल्टी लगाई है।
ऑडिटर्स की चेतावनी
ऑडिटर्स ने कंपनी के अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर के 'ऑडिट ट्रेल' फीचर को लेकर सवाल उठाए हैं। वहीं, C&AG ने ट्रेड रिसीवेबल्स और ₹9.60 करोड़ के लैंड चार्ज प्रोविजन को लेकर भी चिंता जताई है। फिलहाल निवेशकों को मिनिस्ट्री ऑफ स्टील द्वारा इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की नियुक्ति और रेगुलेटरी अनुपालन पर अपनी नजरें बनाए रखनी चाहिए।
