2030 तक 100 मिलियन टन प्रोडक्शन का प्लान
NMDC ने आने वाले समय के लिए अपनी विस्तार योजनाओं का खुलासा कर दिया है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक 100 मिलियन टन आयरन ओर (Iron Ore) का प्रोडक्शन करना है। इस विस्तार के लिए अगले तीन सालों में ₹40,000 करोड़ से ₹50,000 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) किया जाएगा। कंपनी ने FY27 के लिए ₹6,000 करोड़ के निवेश का अनुमान लगाया है, जबकि अगले दो से तीन सालों के लिए हर साल ₹7,000 करोड़ से ₹10,000 करोड़ का केपेक्स (Capex) जारी रहने की उम्मीद है।
क्यों है यह खबर अहम?
NMDC के इन विस्तार और डाइवर्सिफिकेशन (Diversification) की पहलों से साफ है कि कंपनी अपने ऑपरेशंस को बड़े पैमाने पर बढ़ाना चाहती है और कमाई के नए रास्ते खोलना चाहती है। आयरन ओर प्रोडक्शन बढ़ाने पर फोकस घरेलू मांग को पूरा करेगा, वहीं कोयला और ब्रांडेड आयरन ओर के बाजार में उतरने से कंपनी नए सेगमेंट्स को टारगेट कर सकेगी और अपनी प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) बढ़ा सकेगी। यह बड़ा केपेक्स (Capex) भविष्य के विकास में कंपनी के भरोसे और इसे इंटरनली फंड करने की क्षमता को दर्शाता है।
कंपनी की अब तक की कहानी
मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 के लिए NMDC का प्रोडक्शन टारगेट 53 मिलियन टन है, और 2026-27 के लिए यह 60 मिलियन टन तक पहुंचाने का लक्ष्य है। हाल ही में, कंपनी ने बेलारूस (Bailadila) सेक्टर में प्रोडक्शन कॉस्ट को ₹1,000 प्रति टन से घटाकर ₹800 प्रति टन करने में सफलता हासिल की है। मैनेजमेंट (Management) ने यह भी साफ किया है कि कंसोलिडेटेड EBITDA मार्जिन में गिरावट का कारण NMDC स्टील द्वारा HR कॉइल्स का एकमुश्त ट्रेडिंग (Trading) था, जबकि कोर आयरन ओर बिजनेस का EBITDA मार्जिन अभी भी मजबूत 42% पर है।
आगे क्या बदलेगा?
NMDC कई नए माइनिंग एसेट्स (Mining Assets) को ऑपरेशनल करने की तैयारी में है। इनमें डिपॉजिट 4 (Deposit 4) से 7 MTPA, डिपॉजिट 13 (Deposit 13) से 10 MTPA प्रोडक्शन की उम्मीद है। इसके अलावा, कोयला माइनिंग में टोकिसुद कोल (Tokisud Coal) से 2.3 MTPA और रोहने कोल (Rohne Coal) से 8 MTPA का प्रोडक्शन शुरू होगा। कंपनी ब्रांडेड आयरन ओर के लिए विशाखापत्तनम (Vizag) में ₹3,000 करोड़ का एक महत्वपूर्ण निवेश कर रही है। टोकिसुद कोल माइन पहले ही चालू हो चुकी है और रोहने कोल के Q3 में शुरू होने की उम्मीद है।
ध्यान रखने योग्य जोखिम
हालांकि मैनेजमेंट (Management) अपने प्लान्स को लेकर काफी कॉन्फिडेंट (Confident) है और केपेक्स (Capex) को इंटरनल फंड (Internal Fund) से पूरा करने की बात कह रहा है, लेकिन इन बड़ी परियोजनाओं को तय समय और बजट में पूरा करना एक चुनौती होगी। कोयला माइनिंग जैसे नए क्षेत्रों में प्रवेश करने में अपने ऑपरेशनल जोखिम (Operational Risks) हैं। कंपनी अंतरराष्ट्रीय संपत्तियों (International Assets) की भी तलाश कर रही है, जिससे जियोपॉलिटिकल (Geopolitical) और इंटीग्रेशन (Integration) के जोखिम बढ़ सकते हैं।
आगे क्या देखें?
निवेशक (Investors) अब नई खदानों के चालू होने, ब्रांडेड आयरन ओर फैसिलिटी (Branded Iron Ore Facility) के विकास और कोयला माइनिंग वेंचर्स (Coal Mining Ventures) पर कंपनी की प्रगति पर करीब से नजर रखेंगे। मैनेजमेंट का आयरन ओर और क्रिटिकल मिनरल्स (Critical Minerals) की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मांग पर क्या कहना है, यह भी महत्वपूर्ण होगा।
