NMDC ने Q4 FY26 में दर्ज किया रिकॉर्ड प्रदर्शन
सरकारी खनन कंपनी NMDC लिमिटेड ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त तिमाही और पूरे साल के लिए अपने वित्तीय नतीजों की घोषणा की है। कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from Operations) में Q4 FY26 के दौरान पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 61% का जबरदस्त इजाफा हुआ है, जो ₹6,953 करोड़ से बढ़कर ₹11,173 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, कंपनी के प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 35% की बढ़ोतरी देखी गई और यह ₹1,496 करोड़ से बढ़कर ₹2,020 करोड़ हो गया। तिमाही के दौरान EBITDA में भी 21% की वृद्धि दर्ज की गई, जो ₹3,072 करोड़ रहा।
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) की बात करें तो, NMDC का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस 33% बढ़कर ₹31,554 करोड़ रहा, जबकि FY25 में यह ₹23,668 करोड़ था। FY26 के लिए PAT 11% बढ़कर ₹7,421 करोड़ दर्ज किया गया, जो FY25 में ₹6,693 करोड़ था।
रिकॉर्ड उत्पादन और बिक्री बनी वजह
इस शानदार वित्तीय प्रदर्शन का मुख्य कारण कंपनी का रिकॉर्ड परिचालन प्रदर्शन रहा है। Q4 FY26 में NMDC का उत्पादन 22% बढ़कर 162.72 लाख टन (LT) पहुंच गया, जो कि किसी भी तिमाही का अब तक का सबसे बड़ा उत्पादन है। इसी तरह, बिक्री में भी 21% की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 152.99 LT के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। कंपनी की बढ़ती उत्पादन क्षमता और बाजार की मांग को भुनाने की क्षमता सीधे तौर पर मजबूत रेवेन्यू और प्रॉफिट ग्रोथ में तब्दील हुई है।
आगे क्या उम्मीद करें?
NMDC ने रिकॉर्ड-ब्रेकिंग Q4 और पूरे फाइनेंशियल ईयर के प्रदर्शन से यह साबित कर दिया है कि वह अब बड़े पैमाने पर संचालन करने में सक्षम है। निवेशकों को उम्मीद है कि कंपनी भविष्य में भी उत्पादन और बिक्री के इन ऊंचे स्तरों को बनाए रखेगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी अपने खर्चों का प्रबंधन कैसे करती है, खासकर जब रेवेन्यू ग्रोथ प्रॉफिट ग्रोथ से थोड़ी ज्यादा रही है। फिर भी, लौह अयस्क (Iron Ore) के लिए बाजार का माहौल सकारात्मक बना हुआ है।
किन बातों पर रहेगी नज़र?
हालांकि नतीजे काफी मजबूत हैं, लेकिन निवेशकों को लौह अयस्क की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि यह कंपनी की कमाई पर असर डाल सकता है। उच्च उत्पादन मात्रा बनाए रखते हुए परिचालन लागत को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करना भी कंपनी के लिए महत्वपूर्ण होगा। इसके अलावा, प्रमुख खपत वाले क्षेत्रों में किसी भी तरह की मांग में गिरावट जोखिम पैदा कर सकती है।
