NIS Management ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में **₹436.70 करोड़** की कुल इनकम के साथ मजबूत प्रदर्शन किया है। कंपनी ने अब **₹500 करोड़** से अधिक के रेवेन्यू का लक्ष्य रखा है और हाल ही में **₹120.14 करोड़** के नए ऑर्डर हासिल किए हैं।
मुनाफे और रेवेन्यू में उछाल
NIS Management ने सितंबर 2025 में अपने IPO के बाद पहली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में जबरदस्त नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का टोटल रेवेन्यू 7.74% बढ़कर ₹436.70 करोड़ पर पहुंच गया है। वहीं, चालू फाइनेंशियल ईयर (FY27) की पहली तिमाही में कंपनी के मुनाफे में 35% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो ₹6.40 करोड़ रहा। कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो भी सुधरकर 0.42x हो गया है।
बड़े ऑर्डर और भरोसे की जीत
कंपनी ने लिस्टिंग के बाद से ₹120.14 करोड़ के नए वर्क ऑर्डर्स अपनी झोली में डाले हैं। इसमें Reliance Group के अलावा बिहार और पश्चिम बंगाल सरकार की एजेंसियां और मुंबई पुलिस का CCTV सर्विलांस प्रोजेक्ट शामिल है। ये प्रोजेक्ट्स कंपनी के ₹500 करोड़ रेवेन्यू के टारगेट को हासिल करने में मददगार साबित होंगे।
क्रेडिट रेटिंग में सुधार
रेटिंग एजेंसी ICRA ने कंपनी की साख पर भरोसा जताते हुए लॉन्ग-टर्म आउटलुक को 'स्टेबल' से अपग्रेड कर 'BBB+ पॉजिटिव' कर दिया है। इसके अलावा, अगस्त 2026 में कंपनी को State Bank of India के SME स्टार रेटिंग प्रोग्राम में 'रोडियम' स्टेटस से सम्मानित किया गया है।
आगे की चुनौतियां
कंपनी फिलहाल 19,100 कर्मचारियों के साथ 1,500 साइट्स पर काम कर रही है। हालांकि ऑर्डर बुक मजबूत है, लेकिन निवेशकों को ध्यान देना होगा कि कंपनी इन ऑर्डर्स को कितनी कुशलता से पूरा करती है और अपने मार्जिन्स को कैसे बरकरार रखती है। आने वाले समय में ऑर्डर्स की एग्जीक्यूशन स्पीड ही तय करेगी कि कंपनी अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्यों तक कैसे पहुंचती है।
