NIS Management का शानदार प्रदर्शन
NIS Management ने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए ₹436.70 करोड़ का कंसोलिडेटेड टोटल इनकम दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 7.74% की बढ़ोतरी है। वहीं, FY26 की चौथी तिमाही (Q4) में कंपनी की कुल आय ₹180.03 करोड़ रही, जो 13.96% ज्यादा है।
EBITDA में भी उछाल
FY26 के लिए कंपनी का EBITDA ₹33.53 करोड़ रहा, जो पिछले साल से 12.19% अधिक है। चौथी तिमाही (Q4 FY26) में EBITDA ₹11.11 करोड़ दर्ज किया गया, जिसमें 29.75% की शानदार बढ़ोतरी देखी गई।
लेबर कोड का एक बार का असर
कंपनी ने FY26 में नए सरकारी लेबर कोड के लागू होने के कारण ₹27.82 करोड़ का एक बार का, नॉन-कैश प्रोविजन (provision) किया है। यह कर्मचारी लाभ दायित्वों के एक्चुअरियल मूल्यांकन (actuarial assessment) की ज़रूरत के चलते किया गया। मैनेजमेंट का कहना है कि यह एक अकाउंटिंग बदलाव है और कंपनी का मुख्य बिजनेस अभी भी काफी मुनाफे में है।
प्रोविजन के बाद मुनाफा
इस एक बार के प्रोविजन को एडजस्ट करने के बाद, FY26 का नेट प्रॉफिट (PAT) ₹19.12 करोड़ रहा। वहीं, Q4 FY26 का PAT ₹6.86 करोड़ दर्ज किया गया।
भविष्य की रणनीति
मैनेजमेंट ने FY27 के लिए 12-15% के रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान जताया है, जिसका लक्ष्य ₹500 करोड़ से ज्यादा पार करना है। कंपनी को उम्मीद है कि नए लेबर कानून ऑर्गेनाइज़्ड प्लेयर्स जैसे NIS Management के लिए फायदेमंद साबित होंगे और मार्केट शेयर बढ़ाने में मदद मिलेगी।
ध्यान देने वाली बातें
निवेशकों को इस एक बार के प्रोविजन से आगे बढ़कर कंपनी के ऑपरेशनल सुधारों और भविष्य की ग्रोथ संभावनाओं पर ध्यान देना चाहिए। कंपनी ट्रेड रिसीवेबल्स (trade receivables) को सामान्य करने और CCTV सेगमेंट में रिकवरी पर फोकस कर रही है। सप्लाई चेन की बाधाओं का कम होना और नए लेबर लॉ के संभावित फायदे अगले फाइनेंशियल ईयर के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।
मुख्य आंकड़े
- कंसोलिडेटेड टोटल इनकम FY26: ₹436.70 करोड़ (7.74% YoY ग्रोथ)
- EBITDA FY26: ₹33.53 करोड़ (12.19% YoY ग्रोथ)
- कंसोलिडेटेड टोटल इनकम Q4 FY26: ₹180.03 करोड़ (13.96% YoY ग्रोथ)
- EBITDA Q4 FY26: ₹11.11 करोड़ (29.75% YoY ग्रोथ)
- एक बार का प्रोविजन FY26: ₹27.82 करोड़
- अनयूटिलाइज्ड IPO फंड (जून 2026): ₹36.91 करोड़
