NIBE लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2026 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने स्टैंडअलोन (Standalone) आधार पर ₹17.13 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि कंसॉलिडेटेड (Consolidated) आधार पर यह आंकड़ा मामूली ₹0.0641 करोड़ रहा। कंपनी ने शेयरधारकों के लिए ₹1.30 प्रति इक्विटी शेयर के डिविडेंड की सिफारिश की है।
मुनाफे में डिफेंस, घाटे में एयरोनॉटिक्स
इन नतीजों में एक बड़ी विसंगति देखने को मिली है। कंपनी का डिफेंस सेगमेंट, जो इसका मुख्य बिजनेस है, ₹434.02 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹20.36 करोड़ का शानदार प्रॉफिट कमा रहा था। लेकिन, एयरोनॉटिक्स सेगमेंट ने ₹41.72 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹16.42 करोड़ का भारी घाटा दर्ज किया। इसी घाटे के कारण कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट इतना कम रहा, जिसने डिफेंस सेगमेंट की अच्छी कमाई को ढक दिया।
फंड का इस्तेमाल और आगे क्या?
NIBE लिमिटेड ने मार्च 2026 में ₹104.48 करोड़ प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट (Preferential Allotment) के जरिए जुटाए थे, जिसमें से ₹98.11 करोड़ का इस्तेमाल 31 मार्च 2026 तक हो चुका था। इसमें से ₹75 करोड़ पुराने कर्ज चुकाने में और ₹23.11 करोड़ वर्किंग कैपिटल (Working Capital) बढ़ाने में लगाए गए।
खास बात यह है कि कंपनी के मैनेजमेंट ने बताया है कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बाद एयरोनॉटिक्स सब्सिडियरी (Subsidiary) को बेच दिया गया है। इससे भविष्य में कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट में सुधार की उम्मीद है, क्योंकि घाटे वाला सेगमेंट अब कंपनी का हिस्सा नहीं है।
