NBCC (India) Ltd ने पटना में चार बड़े रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए बिहार सरकार के साथ एक महत्वपूर्ण MoU साइन किया है। **₹2,000 करोड़** के इस प्रोजेक्ट को सेल्फ-फाइनेंसिंग मॉडल पर पूरा किया जाएगा, जिससे कंपनी के ऑर्डर बुक को बड़ी मजबूती मिलेगी।
प्रोजेक्ट का गणित और कमाई का मॉडल
यह पूरा प्रोजेक्ट ₹2,000 करोड़ (GST को छोड़कर) की लागत से तैयार होगा। कंपनी के लिए सबसे अच्छी बात यह है कि यह सेल्फ-फाइनेंसिंग मॉडल पर आधारित है। इसका मतलब है कि सरकारी बजट पर निर्भर रहने के बजाय, प्रोजेक्ट का खर्च प्रॉपर्टी की बिक्री और लीज से आने वाले पैसों से पूरा किया जाएगा। NBCC को इस काम के बदले 6% प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (PMC) फीस और 1.25% मार्केटिंग फीस मिलेगी। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे कंपनी को कुल ₹5,152 करोड़ तक की संभावित आय हो सकती है।
पटना में क्या-क्या बदलेगा?
- BSHB कॉलोनी: बहादुरपुर और सेक्टर-5, टीवी टॉवर में कुल 3,331 रेजिडेंशियल यूनिट्स बनाई जाएंगी, जिसमें EWS से लेकर HIG तक के घर शामिल होंगे।
- IT टेक पार्क: गर्दनीबाग में बिहार का पहला डेडिकेटेड टेक्नोलॉजी पार्क तैयार किया जाएगा।
- कमर्शियल हब: बेली रोड पर स्थित वाटर रिसोर्सेज डिपार्टमेंट की साइट पर एक नया होटल और कमर्शियल स्पेस का निर्माण होगा।
निवेशकों के लिए क्यों है अहम?
यह डील NBCC के लिए बिना किसी लिक्विडिटी रिस्क के रेवेन्यू का एक स्थिर स्रोत बन गई है। आमतौर पर सरकारी प्रोजेक्ट्स में पेमेंट की देरी का जोखिम रहता है, लेकिन सेल्फ-फाइनेंसिंग मॉडल के कारण कंपनी को अपना पैसा फंसने का डर नहीं है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि कब यह MoU एक पक्के वर्क ऑर्डर में तब्दील होता है।
