NBCC को ₹801 Cr के नए ऑर्डर, JK Lakshmi Cement का ₹3,325 Cr विस्तार प्लान

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AuthorAditya Rao|Published at:
NBCC को ₹801 Cr के नए ऑर्डर, JK Lakshmi Cement का ₹3,325 Cr विस्तार प्लान

NBCC India को ₹801 करोड़ के नए प्रोजेक्ट मिले हैं, जिसमें RBI के लिए कंसल्टेंसी भी शामिल है। वहीं, JK Lakshmi Cement ने ₹3,325 करोड़ के विस्तार को मंजूरी दी है। दूसरी ओर, Automotive Axles के नतीजे मिले-जुले रहे, जबकि Novelis ने शानदार ग्रोथ दर्ज की।

NBCC India को मिले ₹801 करोड़ के नए काम, JK Lakshmi Cement की बड़ी योजना

NBCC India को कुल ₹801 करोड़ के नए वर्क ऑर्डर मिले हैं, जो कंपनी के लिए बड़ी राहत है। इन ऑर्डर्स में आंध्र प्रदेश में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (PMC) सेवाएं भी शामिल हैं।

वहीं, दूसरी तरफ, JK Lakshmi Cement के बोर्ड ने कंपनी के दुर्ग प्लांट के विस्तार के लिए ₹3,325 करोड़ के बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा, कंपनी ने सोलर एस.पी.वी. (Solar SPV) के लिए ₹20.5 करोड़ का अतिरिक्त फंड भी मंजूर किया है।

मिले-जुले नतीजों के बीच ग्रोथ का संकेत

दूसरी ओर, ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स बनाने वाली कंपनी Automotive Axles ने मिले-जुले नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट सेल्स ₹516.8 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 6% ज्यादा है, लेकिन पिछली तिमाही के मुकाबले 22% कम है। वहीं, इसका EBITDA पिछले साल के मुकाबले 25% बढ़कर ₹59.9 करोड़ हो गया।

इसके विपरीत, Novelis ने दमदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट सेल्स US$ 5,793 मिलियन रहा, जो पिछले साल से 23% अधिक है। EBITDA में 64% की शानदार बढ़ोतरी के साथ यह US$ 726 मिलियन रहा। Novelis का नेट प्रॉफिट भी 49% बढ़कर US$ 143 मिलियन हो गया।

क्यों है यह खबर अहम?

NBCC के लिए ये नए ऑर्डर कंपनी की प्रोजेक्ट निष्पादन क्षमता और कंसल्टेंसी सेवाओं में उसकी मजबूत पकड़ को दर्शाते हैं, जो भविष्य में कंपनी के रेवेन्यू को बढ़ा सकते हैं। JK Lakshmi Cement का यह बड़ा निवेश भविष्य की मांग में कंपनी के भरोसे और क्षमता विस्तार की रणनीति को दिखाता है।

निवेशकों के लिए, Automotive Axles और Novelis के अलग-अलग प्रदर्शन ऑटो और मेटल सेक्टर में मौजूद विभिन्न कंपनी-विशिष्ट गतिशीलता को उजागर करते हैं। RBI द्वारा रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखने और अपनी पॉलिसी का रुख 'न्यूट्रल' बनाए रखने से एक स्थिर मैक्रोइकॉनॉमिक माहौल बना है, जिससे ब्याज दरों में तत्काल वृद्धि की चिंताएं कम हुई हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.