NBCC India अपने एक सब्सिडियरी HSCC India को अपने में मिलाने जा रही है। डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) ने इस मर्जर स्कीम पर 'आपत्ति नहीं' (No Objection) जता दी है।
NBCC India और HSCC India का होने वाला है विलय
सरकारी कंपनी NBCC India को अपनी पूरी तरह से अपनी सब्सिडियरी HSCC India के साथ विलय करने की स्कीम पर डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) से 'नो ऑब्जेक्शन' मिल गया है। यह मंजूरी 9 जुलाई 2026 को दी गई है।
मर्जर का मकसद क्या है?
इस मर्जर का मुख्य उद्देश्य NBCC की कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर को सरल बनाना, मैनेजमेंट के बीच दोहराव को कम करना और एडमिनिस्ट्रेटिव कामों में होने वाले फालतू खर्चों को खत्म करना है। यह कदम सरकार की उस रणनीति के अनुरूप है जिसका लक्ष्य सरकारी कंपनियों (CPSEs) को मिलाकर उनकी कॉम्पिटिटिवनेस और एफिशिएंसी बढ़ाना है।
कब से लागू होगा मर्जर?
मर्जर की तय तारीख 1 अप्रैल 2026 रखी गई है। इस मर्जर में कोई नए शेयर जारी नहीं किए जाएंगे और न ही किसी तरह का कैश पेमेंट किया जाएगा।
दोनों कंपनियों का बैकग्राउंड
NBCC (India) Limited एक सरकारी उपक्रम है जो प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन का काम करती है। वहीं, HSCC (India) Limited, जिसे पहले हॉस्पिटल सर्विसेज कंसल्टेंसी कॉरपोरेशन (इंडिया) लिमिटेड के नाम से जाना जाता था, हेल्थकेयर सेक्टर में कंसल्टेंसी और इंजीनियरिंग सर्विसेज में स्पेशलाइज्ड है।
विलय के बाद क्या बदलेगा?
इस इंटीग्रेशन से इंफ्रास्ट्रक्चर डिलीवरी के लिए एक कंबाइंड प्लेटफॉर्म तैयार होगा, जिससे पब्लिक रिसोर्सेज का बेहतर इस्तेमाल होगा और जवाबदेही भी बढ़ेगी। अकाउंटिंग में 'पूलिंग ऑफ इंटरेस्ट' मेथड का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसमें एसेट्स और लायबिलिटीज को बुक वैल्यू पर रिकॉर्ड किया जाएगा, किसी भी गुडविल को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा।
आगे क्या है?
यह मर्जर अभी मिनिस्ट्री ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स (MCA), रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज और अन्य रेगुलेटरी बॉडीज से फाइनल अप्रूवल पर निर्भर है। निवेशकों को इन फाइनल अप्रूवल्स की प्रगति पर नजर रखनी चाहिए।
कंपनी की कैपिटल डिटेल्स
HSCC का ऑथोराइज्ड कैपिटल ₹5 करोड़ है, जिसमें से ₹1.8 करोड़ पेड-अप कैपिटल है। वहीं, NBCC का ऑथोराइज्ड कैपिटल ₹1,000 करोड़ और पेड-अप कैपिटल ₹270 करोड़ है।
