NACDAC Infrastructure के लिए पहला फाइनेंशियल ईयर काफी हलचल भरा रहा। कंपनी ने शानदार **30%** की रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है और Bharat Electronics जैसे बड़े क्लाइंट्स हासिल किए हैं, हालांकि भारी जमीन खरीद के कारण लिक्विडिटी पर दबाव बढ़ा है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का लेखा-जोखा
कंपनी ने अपने पहले पूर्ण फाइनेंशियल ईयर में शानदार प्रदर्शन किया है। रेवेन्यू 30.1% उछलकर ₹63.19 करोड़ पर पहुंच गया है, जबकि नेट प्रॉफिट (PAT) 6.9% की वृद्धि के साथ ₹4.43 करोड़ रहा। कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो भी सुधरकर ₹7.57 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल नेगेटिव था।
विस्तार की राह और चुनौतियां
NACDAC Infrastructure अब उत्तरी भारत में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है और Steel Structure व PEB (Pre-Engineered Building) जैसे सेगमेंट में तेजी से डाइवर्सिफाई कर रही है। Bharat Electronics के साथ बड़ा ऑर्डर मिलना कंपनी के लिए बड़ी कामयाबी है। हालांकि, मैनेजमेंट ने ₹8.50 करोड़ जमीन में इन्वेस्ट कर दिए हैं, जिससे कंपनी को वर्किंग कैपिटल के लिए नए सिरे से फंड जुटाना पड़ सकता है।
निवेशकों के लिए जरूरी बातें
कंपनी का EPS 14.1% घटकर ₹4.21 रह गया, जिसकी वजह IPO के बाद बढ़ी हुई शेयर कैपिटल है। इसके अलावा, कंपनी ने ₹6.89 लाख का CSR योगदान नहीं दिया है, जिसे सितंबर 2026 तक पूरा करने का वादा किया गया है। साथ ही, GST और इनकम टैक्स से जुड़े 6 विवादित मामले भी हैं, जिनका कुल मूल्य ₹27.67 लाख है।
आगे का रास्ता
कंपनी के पास ₹103 करोड़ से ज्यादा का अनबिल्ड ऑर्डर बुक है और ₹70 करोड़ की बोलियां पाइपलाइन में हैं। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी आने वाले प्रोजेक्ट्स से कितना कैश जनरेट करती है और अपनी लिक्विडिटी को कैसे मैनेज करती है।
