Mukand Limited ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में जबरदस्त उछाल दर्ज किया है। कंपनी का मुनाफा बढ़कर **₹634.69 करोड़** हो गया है, जिसका मुख्य कारण जमीन की बिक्री से मिला सरप्लस है। कंपनी ने **30%** डिविडेंड देने की भी सिफारिश की है।
क्या है पूरी कहानी?
Mukand Limited के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹634.69 करोड़ का स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) घोषित किया है, जो पिछले साल ₹4,703.19 करोड़ की कुल आय की तुलना में ₹5,336.44 करोड़ तक पहुंच गया है। इस शानदार मुनाफे का एक बड़ा श्रेय जमीन की बिक्री से प्राप्त सरप्लस को जाता है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
मुनाफे में यह भारी बढ़ोतरी कंपनी की बेहतर लाभप्रदता और संपत्ति के प्रभावी मुद्रीकरण को दर्शाती है। इसके साथ ही, कंपनी का नेट डेट-टू-इक्विटी अनुपात 0.99 तक सुधर गया है, जो पिछले साल 1.60 था। यह निवेशकों के लिए एक मजबूत संकेत है कि कंपनी की बैलेंस शीट अब पहले से ज्यादा स्वस्थ है और वित्तीय जोखिम कम हुआ है।
कंपनी की पृष्ठभूमि
Mukand का स्टील डिवीजन अभी भी इसका मुख्य व्यवसाय बना हुआ है। FY26 में, स्टील डिवीजन ने ₹4,743.27 करोड़ का राजस्व दिया, जिसमें 1,57,565 मीट्रिक टन स्टेनलेस स्टील और 3,53,150 मीट्रिक टन अलॉय स्टील का उत्पादन शामिल है। हालांकि, इंडस्ट्रियल मशीनरी डिवीजन का राजस्व घटकर ₹150 करोड़ रह गया, जो पिछले साल ₹260 करोड़ था। इसका कारण महाराष्ट्र के लोनांद में विनिर्माण इकाई का नियोजित स्थानांतरण है।
अब क्या बदलेगा?
Mukand Ltd ने अपने इंडस्ट्रियल मशीनरी बिजनेस को ₹45.78 करोड़ में अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी, Mukand Heavy Engineering Limited (MHEL) को स्लम सेल (slump sale) के जरिए बेच दिया है। इस सौदे का निपटान इक्विटी शेयर जारी करके किया गया। कंपनी के बोर्ड ने 30% (₹3 प्रति शेयर) का डिविडेंड देने की सिफारिश की है। इसमें बजाज ग्रुप की शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में ₹1 प्रति शेयर का विशेष भुगतान भी शामिल है।
जोखिम के कारक
कंपनी ने अपनी सप्लाई चेन और कच्चे माल की सोर्सिंग में संभावित चुनौतियों को स्वीकार किया है। वैश्विक मैक्रोइकॉनॉमिक अस्थिरता का भी कंपनी पर असर पड़ सकता है। प्रबंधन ने इस पर कड़ी नजर रखने की बात कही है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को इंडस्ट्रियल मशीनरी डिवीजन के राजस्व प्रदर्शन पर नजर रखनी चाहिए, खासकर इकाई के स्थानांतरण के बाद। साथ ही, कंपनी की सप्लाई चेन की चुनौतियों से निपटने की क्षमता और मुख्य स्टील व्यवसाय से लाभप्रदता बनाए रखने की क्षमता महत्वपूर्ण होगी।
