Msafe Equipments ने शानदार Q2 FY27 नतीजों का ऐलान किया है। कंपनी का रेवेन्यू **53.59%** बढ़कर **₹40.38 करोड़** पहुंच गया है, जबकि प्रॉफिट **55.42%** की छलांग के साथ **₹8.49 करोड़** रहा।
रेंटल बिजनेस बना ग्रोथ का इंजन
Msafe Equipments का कारोबार अब एक नए मुकाम पर है। कंपनी का रेंटल सेगमेंट अब कुल रेवेन्यू का 52% हिस्सा बन चुका है, जिससे कंपनी को लगातार कैश फ्लो मिल रहा है। इस सफलता को देखते हुए, मैनेजमेंट ने स्पेशलाइज्ड रेंटल इक्विपमेंट में ₹6 करोड़ के और निवेश का ऐलान किया है ताकि ऑपरेशंस को और बड़े स्तर पर ले जाया जा सके।
कैपेसिटी एक्सपेंशन और नई योजनाएं
कंपनी ने अपनी कोर MS स्कैफोल्डिंग कैपेसिटी को 9,000 टन से बढ़ाकर 15,000 टन करने की तैयारी पूरी कर ली है ताकि हाई-राइज प्रोजेक्ट्स की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके। भविष्य की योजनाओं पर नजर डालें तो:
- एल्युमीनियम फॉर्मवर्क: इसका कमर्शियल लॉन्च दिसंबर 2026 तक होने की उम्मीद है।
- मथुरा प्लांट: मथुरा में एक नई इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का काम शुरू हो चुका है, जो मई 2027 तक पूरी तरह चालू हो जाएगी।
निवेशकों के लिए क्या है जोखिम?
कंपनी के ग्रोथ प्लान आक्रामक हैं, लेकिन सारा दारोमदार 'एग्जीक्यूशन' (Execution) पर है। निवेशकों को मथुरा प्लांट के निर्माण कार्य और नए फॉर्मवर्क डिवीजन की सफलता पर बारीकी से नजर रखनी होगी। इसके साथ ही, इस कैपेसिटी एक्सपेंशन के दौर में बढ़ती महंगाई और मार्जिन के दबाव को मैनेज करना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती होगी।
