Morgan Ventures को लगा तगड़ा झटका, FY26 में मुनाफा 84% गिरा
Morgan Ventures ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। नेट प्रॉफिट में 83.84% की भारी गिरावट आई है, जो पिछले साल के ₹25.62 करोड़ की तुलना में घटकर सिर्फ ₹4.14 करोड़ रह गया है। वहीं, कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में भी 34.36% की गिरावट दर्ज की गई है, जो ₹30.65 करोड़ रहा।
शेयरधारकों के लिए चिंता का सबब
मुनाफे और रेवेन्यू में आई यह भारी गिरावट कंपनी के प्रदर्शन और वित्तीय सेहत पर सवाल खड़े करती है। इसके अलावा, महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MIDC) के साथ जमीन लीज के अधिकार रद्द करने को लेकर चल रहा कानूनी विवाद कंपनी के लिए एक बड़ा अनिश्चितता का स्रोत बन गया है।
MIDC के साथ क्यों है विवाद?
Morgan Ventures, MIDC के 31 अगस्त, 2024 के उस नोटिस को चुनौती दे रही है, जिसमें 1980 में दिए गए जमीन लीज के अधिकार (कुल 76,483 वर्गमीटर) रद्द करने की बात कही गई थी। कंपनी की किताबों में इन जमीन संपत्तियों का मूल्य ₹20.02 करोड़ है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने MIDC को संपत्ति का प्रतीकात्मक कब्जा लेने की अनुमति दी है, जबकि अंतिम फैसला अभी आना बाकी है।
कर्ज़ का बढ़ता बोझ
कंपनी की वित्तीय स्थिति और कमजोर हुई है। साथ ही, संबंधित पार्टियों (Related Parties) जैसे Morgan Securities and Credits Pvt Ltd (₹10.04 करोड़) और Peacock Chemicals Pvt Ltd (₹20.29 करोड़) को चुकाए जाने वाले लोन की रकम कंसोलिडेटेड टर्नओवर का 10% से अधिक हो गई है। FY26 में कंपनी का कुल उधार ₹196.57 करोड़ तक पहुंच गया है, जो FY25 के ₹171.10 करोड़ से ज्यादा है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों को अब बॉम्बे हाई कोर्ट में MIDC जमीन लीज विवाद के नतीजों पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। इसके अलावा, कंपनी कैसे अपने संबंधित पार्टियों के कर्ज़ और कुल उधार का प्रबंधन करती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
