Monarch Surveyors and Engineering Consultants ने FY26 के नतीजों में शानदार ग्रोथ दिखाई है। कंपनी का रेवेन्यू **11.4%** बढ़कर **₹171.69 करोड़** रहा और नेट प्रॉफिट **₹37.23 करोड़** दर्ज किया गया।
मुनाफे में इजाफा और डिविडेंड का तोहफा
कंपनी ने अपनी 27वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में FY26 के नतीजों का ऐलान किया। साल-दर-साल आधार पर रेवेन्यू ₹154.14 करोड़ से बढ़कर ₹171.69 करोड़ पहुंच गया है। साथ ही, शेयरधारकों के लिए ₹1.60 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड को भी मंजूरी दे दी गई है। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹34.83 करोड़ से बढ़कर ₹37.23 करोड़ रहा, जबकि अर्निंग्स पर शेयर (EPS) ₹26.30 रही।
ऑर्डर्स की मजबूत पाइपलाइन
कंपनी की ऑर्डर बुक ₹615 करोड़ से अधिक की है, जो कंपनी के पिछले साल के रेवेन्यू से लगभग 3.5 गुना ज्यादा है। इसमें Northern Railway का ₹130 करोड़ का प्रोजेक्ट और गुजरात में Somnath-Dwarka Expressway के ₹100 करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
बिजनेस विस्तार और नई चुनौतियां
Monarch Surveyors अब केवल सर्वेइंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इंटीग्रेटेड इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी मॉडल की तरफ बढ़ रही है। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया की GMR Engineering Services का अधिग्रहण इसका बड़ा कदम है।
हालांकि, इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में लंबी अप्रूवल साइकिल और पेमेंट मिलने में देरी कंपनी के वर्किंग कैपिटल पर दबाव डाल सकती है। मैनेजमेंट अब कलेक्शन और माइलस्टोन मैनेजमेंट पर कड़ी नजर रख रहा है। निवेशकों को कंपनी की प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन और ऑस्ट्रेलिया में ऑपरेशंस के इंटीग्रेशन पर खास ध्यान देना चाहिए।
