Mohit Paper Mills ने जून 2026 तिमाही के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू जहां पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले बढ़कर **₹63.16 करोड़** हो गया है, वहीं नेट प्रॉफिट घटकर **₹1.22 करोड़** रह गया है। इसके अलावा, कंपनी ने नए वैधानिक ऑडिटर की भी नियुक्ति की है।
Mohit Paper Mills के नतीजे: रेवेन्यू में उछाल, पर मुनाफे पर असर
Mohit Paper Mills लिमिटेड ने 30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपने अन-ऑडिटेड स्टैंडअलोन वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी के लिए अच्छी खबर यह है कि उसका रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस ₹63.16 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹53.46 करोड़ से अधिक है। यह कंपनी के उत्पादों की बढ़ती मांग और बाजार में मजबूत उपस्थिति का संकेत देता है।
मुनाफे में गिरावट की वजह?
हालांकि, कंपनी के लिए चिंता की बात यह है कि इसी अवधि में नेट प्रॉफिट घटकर ₹1.22 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹1.40 करोड़ था। रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद मुनाफे में यह गिरावट मार्जिन पर दबाव या बढ़ते ऑपरेटिंग खर्चों का नतीजा हो सकती है। हालांकि, मार्च 2026 तिमाही के ₹0.73 करोड़ के मुकाबले यह आंकड़ा बेहतर है।
गवर्नेंस में बदलाव: नए ऑडिटर की नियुक्ति
कंपनी ने इस वित्तीय नतीजे के साथ ही एक और महत्वपूर्ण घोषणा की है। Mohit Paper Mills ने एक कैजुअल वैकेंसी को भरने के लिए M/s Sanjay Sangal & Associates को अपना नया वैधानिक ऑडिटर नियुक्त किया है। इस नियुक्ति को आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी मिलनी बाकी है। इसके अलावा, श्री मोहित जैन को कंपनी के भीतर लाभ के पद पर फिर से नियुक्त किया गया है, जिसके लिए भी सदस्यों की मंजूरी आवश्यक होगी। शेयरधारकों को एजीएम में इन अहम गवर्नेंस मामलों पर वोट करना होगा।
निवेशक ध्यान दें: क्या हैं जोखिम?
निवेशकों को रेवेन्यू में वृद्धि के बावजूद नेट प्रॉफिट में आई गिरावट के कारणों पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। यह कंपनी की परिचालन दक्षता में कमी या इनपुट लागत में वृद्धि का संकेत दे सकता है। नए ऑडिटर के साथ काम शुरू करने की प्रक्रिया भी सुचारू ऑडिट प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण होगी।
आगे क्या?
शेयरधारकों को आगामी एजीएम के नतीजों पर करीबी नजर रखनी चाहिए, खासकर नए वैधानिक ऑडिटर की नियुक्ति और श्री मोहित जैन की पुनः नियुक्ति को लेकर। भविष्य के तिमाही नतीजे यह बताएंगे कि क्या कंपनी अपनी लाभप्रदता मार्जिन में सुधार कर सकती है और रेवेन्यू ग्रोथ को बनाए रख सकती है।
