Mitsu Chem Plast Ltd ने अपने मैन्युफैक्चरिंग बेस में **600 MT** सालाना की नई क्षमता जोड़ी है। इसके साथ ही FY27 में कंपनी की कुल क्षमता विस्तार **6,700 MT** सालाना तक पहुंच गई है, जिसका मकसद बढ़ती डिमांड को पूरा करना है।
क्षमता में हुआ बड़ा इजाफा
कंपनी ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में 600 MT प्रति वर्ष की अतिरिक्त क्षमता शामिल की है। इससे पहले जून 2026 में 2,550 MT और अगस्त 2026 में 3,550 MT का विस्तार किया गया था। फिलहाल, महाराष्ट्र स्थित चार प्लांट के जरिए कंपनी 79 मोल्डिंग मशीनों के साथ काम कर रही है और 700 से ज्यादा क्लाइंट्स को सेवाएं दे रही है।
क्यों है यह जरूरी?
इंडस्ट्रियल पैकेजिंग, हेल्थकेयर और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी ने यह बड़ा कदम उठाया है। मैनेजमेंट का मानना है कि इस विस्तार से न केवल टर्नअराउंड टाइम कम होगा, बल्कि कंपनी अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को और भी बेहतर ढंग से डायवर्सिफाई कर पाएगी।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks to watch)
सावधानी का सबसे बड़ा पॉइंट 'कैपेसिटी यूटिलाइजेशन' है। FY26 में कंपनी का यूटिलाइजेशन रेट 64% था। नई क्षमता जुड़ने के बाद, सेल्स टीम पर इसे तेजी से भरने का दबाव होगा। निवेशकों को यह ट्रैक करना होगा कि क्या कंपनी नई क्षमता के साथ अपने यूटिलाइजेशन लेवल को बेहतर बना पाती है या नहीं।
फाइनेंशियल मीटर (FY26 के आंकड़े)
- टोटल इनकम: ₹350.85 करोड़
- EBITDA: ₹34.66 करोड़
- नेट प्रॉफिट: ₹15.62 करोड़
अगले कुछ क्वार्टर्स में यह देखना दिलचस्प होगा कि नई क्षमता से रेवेन्यू में कितनी ग्रोथ आती है और क्या EBITDA मार्जिन में सुधार होता है या नहीं।
