Mirza International के लिए बड़ी खबर! ₹2.13 करोड़ का प्रॉफिट, लेकिन मिली रेटिंग downgrade

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
Mirza International के लिए बड़ी खबर! ₹2.13 करोड़ का प्रॉफिट, लेकिन मिली रेटिंग downgrade

Mirza International ने FY26 में ₹2.13 करोड़ का स्टैंडअलोन प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल के नुकसान से एक बड़ा बदलाव है। हालांकि, कंपनी ने बिज़नेस रीस्ट्रक्चरिंग को मंजूरी दी है, लेकिन उसकी क्रेडिट रेटिंग में गिरावट आई है।

Mirza International का FY26 का नतीजा: ₹2.13 करोड़ का स्टैंडअलोन प्रॉफिट

Mirza International Limited ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी ने स्टैंडअलोन आधार पर ₹2.13 करोड़ (यानी ₹213.09 लाख) का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह पिछले साल के ₹3.99 करोड़ के स्टैंडअलोन नेट लॉस के मुकाबले एक बड़ी कामयाबी है। इस मुनाफे में ₹18.61 करोड़ (यानी ₹1,861.45 लाख) का एक असाधारण गेन (Exceptional Gain) भी शामिल है, जिसने नतीजों को संभाला।

हालांकि, कंपनी के लिए कुछ बुरी खबरें भी हैं। इस अवधि में कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स (Revenue from Operations) में 9.37% की गिरावट आई है, जो पिछले साल के ₹569.58 करोड़ की तुलना में घटकर ₹516.23 करोड़ रह गया। वहीं, EBITDA में भी 37.51% की बड़ी गिरावट देखी गई और यह ₹21.67 करोड़ पर आ गया।

क्यों है ये अहम?

स्टैंडअलोन लेवल पर प्रॉफिट में वापसी शेयरधारकों के लिए अच्छी खबर है, जो कंपनी की वित्तीय सेहत में सुधार का संकेत देती है। यह प्रॉफिट मुख्य रूप से एक बार के असाधारण लाभ से आया है। कंपनी ने अपनी बिज़नेस वर्टिकल्स - लेदर टैनिंग, फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग और ब्रांडेड रिटेल - को अलग करने के लिए एक स्कीम ऑफ अरेंजमेंट (Scheme of Arrangement) को भी मंजूरी दी है। इससे उम्मीद है कि संचालन में अधिक कुशलता आएगी और फोकस बढ़ेगा।

बिज़नेस रीस्ट्रक्चरिंग और क्रेडिट रेटिंग पर असर

यह स्कीम ऑफ अरेंजमेंट कंपनी के लिए एक बड़ा रणनीतिक कदम है। इससे हर वर्टिकल को अपनी ग्रोथ स्ट्रेटेजी पर काम करने और खास निवेशकों को आकर्षित करने का मौका मिल सकता है। दूसरी ओर, CRISIL ने कंपनी की लॉन्ग-टर्म डेट रेटिंग को 'BBB+/Negative' और शॉर्ट-टर्म डेट रेटिंग को 'A2' तक डाउनग्रेड कर दिया है। इससे कंपनी के लिए भविष्य में कर्ज लेना महंगा हो सकता है और लिक्विडिटी (Liquidity) पर भी असर पड़ सकता है।

निवेशक इन बातों पर रखें नजर

  1. आयकर विभाग की तलाशी: 11-16 सितंबर 2025 के बीच आयकर विभाग ने कंपनी पर सर्च और सीजर ऑपरेशन चलाया था। इस जांच के नतीजे कंपनी के लिए वित्तीय या परिचालन संबंधी प्रभाव डाल सकते हैं।
  2. क्रेडिट रेटिंग में गिरावट: रेटिंग downgrade के कारण कंपनी के लिए लोन लेना मुश्किल हो सकता है और ब्याज दरें भी बढ़ सकती हैं।
  3. अमेरिकी बाजार पर निर्भरता: कंपनी का 21.56% लेदर एक्सपोर्ट अमेरिकी बाजार पर निर्भर है। इस बाजार में मंदी या व्यापार नीतियों में बदलाव का सीधा असर कंपनी पर पड़ सकता है।
Disclaimer:This article is published for informational purposes only. While reasonable efforts are made to ensure accuracy, completeness, and timeliness, readers are encouraged to independently verify information before making any decisions based on the content. The views and information presented are subject to editorial review and may be updated without notice.