Midwest Ltd ने FY26 के लिए **₹645.62 करोड़** का रेवेन्यू और **₹106.48 करोड़** का मुनाफा दर्ज किया है। कंपनी ने अपनी बिजनेस प्रोफाइल को माइनिंग से बदलकर एक इंटीग्रेटेड मैटेरियल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया है, जिससे इसकी क्रेडिट रेटिंग को **CRISIL A/Stable** कर दिया गया है।
फाइनेंशियल रिजल्ट्स का लेखा-जोखा
Midwest Limited ने FY26 के अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर ₹645.62 करोड़ हो गया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹626.18 करोड़ था। कंपनी का EBITDA ₹174.37 करोड़ रहा और मार्जिन 27.01% पर मजबूत बना हुआ है। हालांकि, पिछले साल की तुलना में मुनाफे में मामूली गिरावट दिखी है, जो ₹106.48 करोड़ पर आकर थमा है।
नई राह: मटेरियल प्लेटफॉर्म की ओर बदलाव
कंपनी ने अपने पोर्टफोलियो को पूरी तरह से बदलने का फैसला किया है। वे अब ट्रेडिशनल स्टोन माइनिंग से हटकर हाई-टेक मटेरियल की ओर बढ़ रहे हैं।
- क्वार्ट्ज विस्तार: कंपनी अपनी कैपेसिटी को 303,600 TPA से बढ़ाकर 606,600 TPA कर रही है, जो सीधे तौर पर सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री की जरूरतों को पूरा करेगा।
- नया विस्तार: केरल, इंडोनेशिया और श्रीलंका में रेयर-अर्थ ऑक्साइड्स और टाइटेनियम फीडस्टॉक के लिए कंपनी ने आक्रामक कदम उठाए हैं।
डेट-फ्री की राह पर कंपनी
IPO से मिले ₹250 करोड़ के फंड का बेहतर इस्तेमाल करते हुए कंपनी ने कर्ज में भारी कमी की है। अब कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.19 गुना हो गया है, जो कि FY25 में 0.42 गुना था।
निवेशकों के लिए चेतावनी
हालांकि ग्रोथ की संभावनाएं हैं, लेकिन ध्यान रहे कि रेयर-अर्थ प्रोसेसिंग और मिनरल सैंड्स के प्रोजेक्ट्स अभी शुरुआती दौर में हैं। साथ ही, रेगुलेटरी मंजूरियों पर भी नजर रखनी होगी। FY26 के आखिर में लॉजिस्टिक्स में बाधा के कारण कुछ शिपमेंट्स रुक गए थे, जिनका फायदा अब FY27 की पहली तिमाही में दिखने की उम्मीद है।
