Midland Polymers: सब्सिडियरी के अधिग्रहण के बाद कंपनी का मुनाफा **₹0.68 करोड़** पहुंचा

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AuthorNeha Patil|Published at:
Midland Polymers: सब्सिडियरी के अधिग्रहण के बाद कंपनी का मुनाफा **₹0.68 करोड़** पहुंचा

Midland Polymers Limited ने सितंबर **2026** तिमाही के लिए शानदार कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी के मुनाफे में यह उछाल JMR Clean Energy Private Limited में **70%** हिस्सेदारी खरीदने के बाद आया है।

मुनाफे का नया सफर

सितंबर 2026 के नतीजों में Midland Polymers की तस्वीर पूरी तरह बदली हुई दिख रही है। जहाँ एक तरफ कंपनी का स्टैंडअलोन बिजनेस ₹0.30 करोड़ के नुकसान में था, वहीं कंसोलिडेटेड नतीजों में कंपनी ने ₹0.68 करोड़ का नेट प्रॉफिट पोस्ट किया है। इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह क्लीन एनर्जी सेक्टर में कंपनी का हालिया कदम है।

क्यों अहम है यह बदलाव?

कंपनी की वित्तीय स्थिति अब पूरी तरह से उसकी नई सब्सिडियरी, JMR Clean Energy Private Limited पर निर्भर हो गई है। जुलाई 2026 में इसमें 70% हिस्सेदारी खरीदने के बाद, ₹15.11 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू यह साबित करता है कि अब यही सब्सिडियरी कंपनी के ग्रोथ इंजन का काम कर रही है।

कैपिटल स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव

निवेशकों को कंपनी के कैपिटल एक्सपेंशन पर भी नजर रखनी चाहिए। कंपनी ने 91 लाख कन्वर्टिबल वारंट्स ₹10 प्रति शेयर के भाव पर जारी किए हैं। साथ ही, 1.53 करोड़ इक्विटी शेयरों का प्रिफरेंशियल अलॉटमेंट भी पूरा किया गया है। आने वाले समय में इन वारंट्स के कन्वर्जन से इक्विटी डाइल्यूशन हो सकता है, जिसका असर प्रति शेयर आय (EPS) पर पड़ना तय है।

आगे क्या होगा?

निवेशकों के लिए अब JMR Clean Energy की ऑपरेशनल प्रॉफिटेबिलिटी पर नजर रखना सबसे जरूरी है। कंपनी की सेहत अब कंसोलिडेटेड नतीजों से ही आंकी जाएगी, इसलिए सब्सिडियरी का रेवेन्यू योगदान ही स्टॉक की चाल तय करेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.