Menon Bearings ने Q1 FY27 के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी की स्टैंडअलोन सेल्स में पिछले साल के मुकाबले **40%** का जबरदस्त इजाफा हुआ है। यह बढ़ोतरी **₹67.06 करोड़** के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची है।
Detailed Coverage
पेश किए रिकॉर्ड नतीजे
Menon Bearings Ltd ने 30 जून, 2026 को समाप्त पहली तिमाही (Q1 FY27) के अपने वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने स्टैंडअलोन सेल्स के मामले में रिकॉर्ड प्रदर्शन करते हुए ₹67.06 करोड़ की बिक्री दर्ज की, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹47.76 करोड़ थी। इस तरह सेल्स में 40% की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। कंसोलिडेटेड सेल्स भी बढ़कर ₹91.79 करोड़ हो गई, जो पिछले साल ₹67.21 करोड़ थी।
मुनाफे में भी शानदार उछाल
मुनाफे के मोर्चे पर भी कंपनी ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। स्टैंडअलोन बेस पर प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) ₹14.85 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹9.03 करोड़ था। वहीं, कंसोलिडेटेड PBT ₹18.51 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल ₹11.06 करोड़ था। कंसोलिडेटेड ईपीएस (EPS) भी ₹2.52 रहा, जो पिछले साल ₹1.50 था।
ग्रोथ की वजह क्या?
कंपनी की इस शानदार ग्रोथ के पीछे Alkop और Brakes जैसे प्रमुख सेगमेंट्स में मजबूत डिमांड रही है। मैनेजमेंट का कहना है कि क्षमता विस्तार (capacity expansion) और इंटरनेशनल मार्केट्स पर फोकस भी इस बढ़ोतरी में अहम रहा है।
आगे क्या उम्मीदें?
इन नतीजों के बाद, कंपनी का FY27 के लिए ₹360 करोड़ का रेवेन्यू टारगेट अब थोड़ा कम लग रहा है, यानी कंपनी इससे बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। Menon Bearings अब उत्तरी अमेरिका (North America) में इंटरनेशनल एक्सपेंशन और डिफेंस व रेलवे सेक्टर में नए अवसर तलाश रही है। इस वित्तीय वर्ष में कंपनी ₹9-10 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर (capital expenditure) करने की योजना बना रही है, जिसमें Alkop डिवीजन के लिए ₹4 करोड़ शामिल हैं।
रिस्क फैक्टर
हालांकि, कंपनी के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। मैनेजमेंट ने जियोपॉलिटिकल टेंशन (geopolitical tensions) को सप्लाई चेन में रुकावट का संभावित जोखिम बताया है। इसके अलावा, कच्चे माल की कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव, खासकर कार्बाइड टूल्स जैसे कंस्यूमेबल्स की कीमतों में, मार्जिन बनाए रखने के लिए एक चुनौती पेश कर सकती है।
