Megamont Ltd (पूर्व में V.R. Woodart) ने अब लकड़ी के निर्माण से अपना नाता तोड़कर इंटरनेशनल कमोडिटी ट्रेडिंग के क्षेत्र में कदम रखा है। नए मैनेजमेंट और नई पूंजी के दम पर कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर **2025-26** में **₹6.22 करोड़** का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है।
मुनाफे की नई राह
कंपनी का ट्रांसफॉर्मेशन पूरी तरह से सफल होता दिख रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के दौरान कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹606.68 करोड़ रहा है। हालांकि, स्टैंडअलोन स्तर पर कंपनी को ₹0.90 करोड़ का नुकसान हुआ है, जिससे यह साफ है कि कंपनी का मुख्य मुनाफा उसकी नई सब्सिडियरी कंपनियों (Nidimo Mont Private Limited और Parent Mont International Private Limited) से आ रहा है।
बड़े प्रशासनिक बदलाव
कंपनी में आए बदलाव सिर्फ बिजनेस तक सीमित नहीं हैं। 2026 की शुरुआत में कंपनी ने नया नेतृत्व चुना है, जिसमें Ms. Minal Patil को चेयरपर्सन और Ms. Maddukuri Mounika को CEO बनाया गया है। साथ ही, नवंबर 2025 में 1.40 करोड़ इक्विटी शेयर और 44.80 लाख कन्वर्टिबल वारंट जारी कर फंड जुटाया गया है। ऑडिट के लिए M/s. K P N & CO को नया स्टेट्यूटरी ऑडिटर नियुक्त किया गया है।
भविष्य की चुनौतियां और रिस्क
कंपनी के मैनेजमेंट का अगला लक्ष्य अपनी बैंकिंग लिमिट बढ़ाना है ताकि ट्रेडिंग वॉल्यूम को और रफ्तार दी जा सके। हालांकि, भविष्य की राह में कुछ चुनौतियां भी हैं:
- ग्लोबल फ्रेट रेट: माल ढुलाई के बढ़ते दाम मुनाफे पर असर डाल सकते हैं।
- भू-राजनीतिक रिस्क: CIS और रूस से आने वाले कमोडिटीज पर लगी पाबंदियां रिस्क फैक्टर हैं।
- रुपये की गिरावट: भारतीय रुपये की कमजोरी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को बढ़ा सकती है।
ऑडिटर ने फिलहाल कंपनी को इंटरनल कंट्रोल सिस्टम को मजबूत करने की सलाह दी है, जिस पर काम शुरू हो चुका है।
