Mega Nirman & Industries ने FY26 में ज़बरदस्त ग्रोथ दर्ज की है। कंपनी की इनकम 99% बढ़कर **₹15.56 करोड़** हो गई, जबकि मुनाफा **₹0.35 करोड़** रहा। इसके साथ ही, बोर्ड ने ₹50 करोड़ के Rights Issue को मंजूरी दे दी है, जिसका इस्तेमाल EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार में होगा। कंपनी ने अंكان गुप्ता को नया CMD भी नियुक्त किया है।
Mega Nirman के FY26 नतीजे: इनकम में 99% की उछाल!
Mega Nirman and Industries Ltd ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी की कुल इनकम पिछले साल के ₹7.83 करोड़ की तुलना में लगभग 98.8% बढ़कर ₹15.56 करोड़ हो गई है। वहीं, इस अवधि के लिए कंपनी का मुनाफा भी बढ़कर ₹0.35 करोड़ हो गया, जो पिछले साल सिर्फ ₹0.05 करोड़ था।
बड़े ऐलान: ₹50 करोड़ का Rights Issue और नए CMD!
कंपनी ने इन शानदार नतीजों के साथ कुछ अहम कॉर्पोरेट फैसले भी लिए हैं। बोर्ड ने ₹50 करोड़ का Rights Issue लाने को मंजूरी दे दी है। इस फंड का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए किया जाएगा। इसके अलावा, अंكان गुप्ता को 23 जुलाई 2026 से अगले पांच सालों के लिए चेयरमैन सह मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) नियुक्त किया गया है।
क्यों अहम है यह खबर?
आय और मुनाफे में आई यह ज़बरदस्त बढ़ोतरी कंपनी के ऑपरेशनल परफॉर्मेंस में सुधार का संकेत देती है। ₹50 करोड़ का Rights Issue, खासकर EV चार्जिंग जैसे तेजी से बढ़ते सेक्टर में कंपनी की आक्रामक विस्तार योजनाओं को दिखाता है। नए CMD की नियुक्ति से नेतृत्व मजबूत होगा और ग्रोथ पहलों को गति मिलेगी।
कंपनी का बैकग्राउंड
Mega Nirman and Industries Ltd इंडस्ट्रियल और कंस्ट्रक्शन से जुड़े कामों में सक्रिय रही है। हाल ही में, कंपनी ने हरियाणा के झज्जर में ₹180 करोड़ के एक इंडस्ट्रियल/रेजिडेंशियल टाउनशिप प्रोजेक्ट का भी जिक्र किया था, जिसमें मार्च 2026 तक ₹30.68 करोड़ का निवेश किया जा चुका है। EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस एक रणनीतिक कदम है।
आगे क्या?
Rights Issue की मंजूरी के बाद, कंपनी अब EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए पूंजी जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है। CMD की नियुक्ति से कंपनी को एक केंद्रित दिशा मिलेगी। कंपनी ने M/s. Krishan Rakesh & Co. को अगले पांच सालों के लिए अपना नया स्टेटुटरी ऑडिटर भी नियुक्त किया है।
जोखिम जिन पर नज़र रखें
एक बड़ा जोखिम प्रमोटर मिस्टर योगेश कुमार गोयल पर SEBI की दो साल की पाबंदी है, जो 13 मई 2022 से प्रभावी है। इसके अलावा, EV चार्जिंग बिजनेस की पूंजी-गहन प्रकृति और हरियाणा टाउनशिप जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन में भी जोखिम शामिल हैं।
अगले कदम
निवेशकों को Rights Issue के सफल समापन और EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में फंड के इस्तेमाल पर नज़र रखनी चाहिए। झज्जर टाउनशिप प्रोजेक्ट की प्रगति और प्रमोटर की रेगुलेटरी स्थिति से जुड़े किसी भी नए अपडेट पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।
