सरकारी कंपनी Mazagon Dock Shipbuilders (MDL) ने अपनी सब्सिडियरी Colombo Dockyard PLC को बड़ी राहत दी है। कंपनी ने **₹1,250 करोड़** की Standby Letter of Credit (SBLC) सुविधा को मंजूरी दी है, जिससे श्रीलंका में कंपनी के शिपबिल्डिंग कॉन्ट्रैक्ट्स को मजबूती मिलेगी।
बोर्ड का बड़ा फैसला
Mazagon Dock Shipbuilders के बोर्ड ने अपनी श्रीलंकाई सब्सिडियरी Colombo Dockyard PLC (CDPLC) को वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत ₹1,250 करोड़ की क्रेडिट सुविधा दी जा रही है। यह ट्रांजेक्शन स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, मुंबई के माध्यम से किया जाएगा, ताकि CDPLC को शिपबिल्डिंग के अपने जरूरी कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए बैंक गारंटी मिल सके।
कमाई का जरिया और नियम
यह केवल एक तरफा मदद नहीं है। इस व्यवस्था के तहत, Colombo Dockyard को जारी होने वाली SBLC की कॉस्ट, टैक्स और अन्य खर्चों की भरपाई करनी होगी। इसके अलावा, कंपनी को कुल खर्च पर 10% का मार्कअप भी देना होगा, जो Mazagon Dock के लिए एक अतिरिक्त आय का साधन बनेगा।
निवेशकों के लिए रिस्क फैक्टर
हालांकि यह कदम सब्सिडियरी के ऑपरेशंस को रफ्तार देगा, लेकिन इसमें एक बड़ी चुनौती भी छिपी है। अगर भविष्य में Colombo Dockyard अपने कॉन्ट्रैक्ट्स या बैंक गारंटी के दायित्वों को पूरा करने में विफल रहती है, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी Mazagon Dock पर आएगी। इसे 'Contingent Liability' के रूप में देखा जा रहा है।
निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे कंपनी की श्रीलंकाई यूनिट की फाइनेंशियल हेल्थ और प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन पर बारीकी से नजर रखें, क्योंकि कोई भी बड़ा डिफॉल्ट सीधे तौर पर पेरेंट कंपनी के बैलेंस शीट को प्रभावित कर सकता है।
