Maximus International: रेवेन्यू में **52%** की तूफानी उछाल, लेकिन बढ़ते खर्चों ने मुनाफे पर डाला दबाव

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Maximus International: रेवेन्यू में **52%** की तूफानी उछाल, लेकिन बढ़ते खर्चों ने मुनाफे पर डाला दबाव

Maximus International ने Q1 FY27 में शानदार परफॉर्मेंस दिखाई है और रेवेन्यू **52%** बढ़कर **₹59.91 करोड़** पर पहुंच गया है। हालांकि, ग्लोबल अनिश्चितताओं के कारण बढ़े फ्रेट और इनपुट कॉस्ट ने कंपनी के मार्जिन्स पर असर डाला है।

मुनाफे और मार्जिन का गणित

कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के ₹39.52 करोड़ के मुकाबले बढ़कर ₹59.91 करोड़ हो गया है। EBITDA में 18% की ग्रोथ देखी गई है और यह ₹4.58 करोड़ रहा। हालांकि, मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण फ्रेट और इनपुट कॉस्ट बढ़ गए हैं, जिससे EBITDA मार्जिन 9.81% से घटकर 7.64% पर आ गया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) गिरकर ₹2.05 करोड़ रहा, जबकि फाइनेंस कॉस्ट भी बढ़कर ₹1.53 करोड़ दर्ज की गई है।

भविष्य की रणनीति और विस्तार

कंपनी का इरादा अब केवल एक्सपोर्ट तक सीमित न रहकर घरेलू मार्केट में भी अपनी पकड़ बनाने का है। इसी कड़ी में कंपनी ने Quebec Petroleum में 40% हिस्सेदारी खरीदी है। मैनेजमेंट का लक्ष्य फाइनेंशियल ईयर 2027 में कुल ₹200 करोड़ का रेवेन्यू हासिल करना है।

आने वाले समय के लिए संकेत

  • कैपेसिटी: कंपनी की केन्या और UAE की फैसिलिटीज में अभी 45% कैपेसिटी यूटिलाइजेशन है।
  • नई शुरुआत: केन्या में ग्रीस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट Q3 FY27 तक शुरू होने की उम्मीद है, साथ ही तंजानिया के मार्केट में प्रवेश की भी तैयारी है।
  • जोखिम: कंपनी के 70-75% रेवेन्यू सिर्फ टॉप 10 ग्राहकों पर निर्भर है, जो एक बड़ा रिस्क फैक्टर हो सकता है। इसके अलावा वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट पर भी निवेशकों को नज़र रखनी होगी।
Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.