Maxgrow India Limited ने FY 2025-26 के लिए अपनी सालाना रिपोर्ट जारी कर दी है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर **₹2,242.63 करोड़** के स्तर पर पहुंच गया है, जो पिछले साल महज **₹275.77 करोड़** था। CIRP प्रक्रिया से बाहर आने के बाद यह कंपनी की एक बड़ी उपलब्धि है।
बड़ी वित्तीय रिकवरी
दिवाला प्रक्रिया (CIRP) से सफलतापूर्वक बाहर आने के बाद, Maxgrow India ने जबरदस्त रफ्तार पकड़ी है। कंपनी का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) ₹450.28 करोड़ दर्ज किया गया है। 33वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 28 सितंबर, 2026 को तय की गई है, जो कंपनी के भविष्य के रोडमैप के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।
ऑडिटर्स की चेतावनी और चुनौतियां
शानदार आंकड़ों के बावजूद, ऑडिटर्स ने कुछ 'क्वालिफाइड ओपिनियन' दिए हैं। मुख्य तौर पर इंटरनल ऑडिट फंक्शन की कमी और Ultravolt Power Private Limited में किए गए निवेश के वैल्यूएशन को लेकर सवाल उठाए गए हैं। मैनेजमेंट का कहना है कि ये कमियां ट्रांजिशन पीरियड का हिस्सा थीं, जिन्हें अगले फाइनेंशियल ईयर में ठीक कर लिया जाएगा।
बोर्ड और शेयरहोल्डिंग में बदलाव
- बोर्ड नियुक्तियां: Mr. Krishnan को एडिशनल इंडिपेंडेंट डायरेक्टर बनाया गया है।
- ऑडिटर: M/s. BNK & Associates को अगले 5 साल के लिए नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा गया है।
- शेयरहोल्डिंग: मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) नॉर्म्स के अनुपालन के लिए कंपनी ने 1.1 मिलियन से अधिक शेयरों का ऑफ-मार्केट ट्रांसफर पूरा किया है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को अब सब्सिडियरी कंपनी PP Metallix Limited की परफॉर्मेंस और कंपनी के नए इंटरनल ऑडिट फ्रेमवर्क पर अपनी नजर बनाए रखनी चाहिए।
