Maruti Interior Products Ltd ने FY26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू **19.37%** बढ़कर **₹52.14 करोड़** हो गया है। एक तरफ जहां कंपनी के स्टैंडअलोन मुनाफे में गिरावट आई है, वहीं विदेशी सब्सिडियरी के अधिग्रहण के बाद कंसोलिडेटेड प्रॉफिट उछलकर **₹10.09 करोड़** पर पहुंच गया है। कंपनी ने भविष्य के विस्तार के लिए इस बार कोई डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का विश्लेषण
कंपनी की ओर से जारी 29वीं एनुअल रिपोर्ट (FY 2025-26) में इंटरनेशनल एक्सपेंशन पर जोर साफ नजर आता है। कंपनी ने सिंगापुर की HA & DL Holdings Pte. Ltd. का 100% अधिग्रहण $20.11 लाख में पूरा कर लिया है। इस कदम से कंपनी की पहुंच वियतनाम तक हो गई है, जहाँ उनकी स्टेप-डाउन सब्सिडियरी Vina Metal Recycling Co. Limited काम कर रही है। विस्तार की बड़ी योजनाओं को देखते हुए कंपनी ने अपनी अधिकृत शेयर कैपिटल (Authorized Share Capital) को ₹20 करोड़ से बढ़ाकर ₹61 करोड़ कर दिया है।
मुनाफे का गणित
स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी का मुनाफा पिछले साल के ₹4.82 करोड़ से घटकर ₹3.59 करोड़ रह गया है, जिसकी मुख्य वजह बढ़ी हुई फाइनेंस कॉस्ट है। हालांकि, कंसोलिडेटेड प्रॉफिट में ₹10.09 करोड़ का आंकड़ा यह बताता है कि विदेशी अधिग्रहण का असर अब दिखने लगा है। कैश की कमी न हो और भविष्य में बिजनेस डेवलप किया जा सके, इसके लिए बोर्ड ने इस साल डिविडेंड नहीं देने का निर्णय लिया है।
निवेशकों के लिए जोखिम
इन्वेस्टर्स को आने वाले समय में कंपनी की फाइनेंस कॉस्ट पर नजर रखनी चाहिए, जिसने इस साल स्टैंडअलोन मार्जिन को प्रभावित किया है। साथ ही, मेटल कीमतों में उतार-चढ़ाव और घरेलू बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा कंपनी के मुनाफे पर दबाव बना सकती है।
